दिल्ली की अटल कैंटीन योजना के प्रति अन्य राज्यों ने दिलचस्पी दिखाई

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दिल्ली की अटल कैंटीन योजना के प्रति अन्य राज्यों ने दिलचस्पी दिखाई

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 09:16 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) दिल्ली की अटल कैंटीन योजना के प्रति कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने दिलचस्पी दिखाई है और अभी पटना एवं लेह-लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल इसके कामकाज के तरीके का अध्ययन कर रहे हैं।

इस बीच राजधानी में 16 अगस्त को इस तरह की 24 और कैंटीन खुलने वाली हैं, जिससे अटल कैंटीन की कुल संख्या बढ़कर 94 हो जाएगी।

गत मार्च में बिहार के अधिकारियों ने कई अटल कैंटीनों का दौरा किया ताकि उनके रोजाना के कामकाज, खाना बनाने की प्रक्रिया, प्रबंधन और निगरानी प्रणाली को समझ सकें। एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सब्सिडी युक्त खाने की योजना के बारे में जानने के लिए ‘दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड’ (डीयूएसआईबी) के अधिकारियों से भी बातचीत की।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में लेह और लद्दाख के अधिकारियों ने डीयूएसआईबी अधिकारियों से मुलाकात की और योजना से जुड़े ‘प्रस्ताव अनुरोध’ दस्तावेज लिए। उन्होंने कैंटीन के कामकाज के तरीके पर चर्चा की और अपने इलाके में भी इसी तरह का मॉडल अपनाने की संभावना पर विचार किया।

इस योजना के तहत, प्रति व्यक्ति पांच रुपये की मामूली दर पर पौष्टिक शाकाहारी भोजन दिया जाता है और दिल्ली सरकार भोजन की हर थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी देती है।

कैंटीन में एक तय शाकाहारी मेन्यू मिलता है जिसमें रोटी, चावल, दाल और मौसमी सब्जियां शामिल होती हैं। खाना स्टील की थाली में परोसा जाता है और भुगतान पूरी तरह से कंप्यूटर से होता है। योजना में पारदर्शिता और सुचारु कामकाज सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी प्रणाली से निगरानी भी लागू की गई है।

इस साल की शुरुआत में, हरियाणा के एक प्रतिनिधिमंडल ने अटल कैंटीनों के कामकाज को समझने के लिए दिल्ली का दौरा किया था।

अधिकारी ने बताया कि अटल कैंटीन की एक खास बात यह है कि इसमें रेटिना को स्कैन करने वाले कैमरे का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि एक ही व्यक्ति एक दिन में कई बार भोजन न खरीद सके। इस प्रणाली की मदद से कैंटीन का स्टाफ नया टोकन जारी करने से पहले यह जांच कर सकता है कि लाभार्थी ने किसी दूसरी अटल कैंटीन में पहले खाना तो नहीं खरीद लिया है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी पर आधारित इस प्रणाली से सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को कम करने में मदद मिली है और साथ ही यह भी सुनिश्चित हुआ है कि खाना बिना किसी रुकावट या कमी के सही लाभार्थियों तक पहुंचे।

दिल्ली में अभी 70 अटल कैंटीन हैं।

भाषा संतोष अविनाश

अविनाश