प्रयाग के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की राज्यसभा में उठी मांग

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प्रयाग के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की राज्यसभा में उठी मांग

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 01:53 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 01:53 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा के एक सदस्य ने प्रयागराज जिले के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की मांग की और कहा कि अगर ऐसा होता है तो एक बड़े क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

भाजपा सदस्य अमरपाल मौर्य ने उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग की। उन्होंने कहा कि प्रयाग अध्यात्म, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं न्याय का बहुत बड़ा केंद्र है और वहां विभिन्न वजहों से देश भर से लोग आते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रयाग स्थित स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को अगर एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का दर्जा प्राप्त होता है तो प्रयाग और आसपास के कई जिलों के लोगों को स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभ होगा।

प्रयागराज जिले में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय एक मंडल अस्पताल है और यह जिले के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है।

शून्यकाल में ही भाजपा की कल्पना सैनी ने अंगदान के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि भारत में अंगदान की प्रक्रिया नयी नहीं है और यह बरसों से चली आ रही है लेकिन सच्चाई यह है कि आज भारत में लाखों लोग सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्हें समय पर आवश्यक अंग उपलब्ध नहीं हो पाते।

उन्होंने कहा कि इसका मूल कारण अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी और समाज में फैली भ्रांतियां हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के अंगदान से आठ या उससे ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकती है फिर भी जानकारी के अभाव में लोग इस पुनीत कार्य से नहीं जुड़ पा रहे हैं।

उन्होंने सुझााव दिया कि सरकार अंगदान को जन आंदोलन बनाने की दिशा में काम करे और उत्तराखंड में अंगदान का एक केंद्र बनाया जाए।

भाषा अविनाश माधव

माधव