जम्मू-पुंछ एनएच पर भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में उप मुख्यमंत्री, नेकां नेता बाल-बाल बचे

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जम्मू-पुंछ एनएच पर भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में उप मुख्यमंत्री, नेकां नेता बाल-बाल बचे

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 03:31 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 03:31 PM IST

राजौरी/जम्मू, 22 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के बीच जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में केंद्र शासित प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता एवं सांसद मियां अल्ताफ बाल-बाल बचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री चौधरी एवं सांसद अल्ताफ राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियानों का जायजा लेने जा रहे थे। इन इलाकों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई थी और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा था।

जम्मू इलाके में रविवार से बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और सात लोग लापता हो गए हैं। आपदा से सबसे अधिक प्रभावित पुंछ में 17 लोगों की मौत हुई है जबकि राजौरी और डोडा जिलों में तीन-तीन लोगों की जान गई।

अधिकारियों ने बताया कि जब उप मुख्यमंत्री का काफिला चिंगस-राजौरी में मार्ग से गुजर रहा था तो वहां मिट्टी खिसकने की घटना हुई, जिससे गाड़ियां रोकनी पड़ीं।

उन्होंने बताया कि हालात का जायजा लेने और यह सुनिश्चित होने के बाद कि आगे की यात्रा सुरक्षित है, काफिले ने आगे बढ़ना शुरू किया। इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राजमार्ग पर यातायात की आवाजाही सुचारू रूप से बहाल करने के लिए सड़क से मलबा हटाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि पूंछ जिले के सुरनकोट के पास मदाना में अल्ताफ का सरकारी वाहन सड़क के बीचों बीच फंस गया क्योंकि तेजी से बहकर आई मिट्टी और मलबे ने मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि इस घटना में अल्ताफ बाल-बाल बच गए।

अधिकारियों ने बताया कि हालात बिगड़ने पर सांसद को गाड़ी छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाना पड़ा।

सड़क साफ करने वाली एजेंसी ने तुरंत एक ‘अर्थमूवर’ (खुदाई में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीन) तैनात की, जिससे गाड़ी कीचड़ और मलबे से प्रभावित हिस्से से सुरक्षित निकाली गई और इससे यात्रा शुरू की गई।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश