कोलकाता में एनसीपीआई सांसद सुदीप के खिलाफ अपमानजनक पोस्टर दिखे

कोलकाता में एनसीपीआई सांसद सुदीप के खिलाफ अपमानजनक पोस्टर दिखे

कोलकाता में एनसीपीआई सांसद सुदीप के खिलाफ अपमानजनक पोस्टर दिखे
Modified Date: July 28, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: July 28, 2026 7:06 pm IST

कोलकाता, 28 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस से बगावत के बाद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के नेता बने सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय मंगलवार को राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए क्योंकि बंद्योपाध्याय के संसदीय क्षेत्र उत्तर कोलकाता में उन्हें ‘‘गद्दार’’ बताते हुए अपमानजनक पोस्टर सामने आए हैं।

इन पोस्टर में तृणमूल विधायक कुणाल घोष और राज्य के मंत्री तापस रॉय का नाम ‘‘प्रचारक’’ के तौर पर छपा है।

घोष और रॉय दोनों ने ही पोस्टर लगाने में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने वरिष्ठ नेता के खिलाफ पोस्टर में दिए गए राजनीतिक संदेश का समर्थन किया।

ये पोस्टर तालतला बस स्टैंड, बंगवासी कॉलेज, क्रीक रो और रेलवे सहकारी बैंक के पास के स्थान समेत कई जगहों पर रातों-रात लगाए गए थे, जो बंद्योपाध्याय के लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। इन पोस्टर में उनकी तस्वीर के साथ एक तुकबंदी वाला नारा लिखा था, जिसमें उन्हें तृणमूल कांग्रेस विधायक नयना बंद्योपाध्याय के पति के रूप में संबोधित करते हुए ‘‘गद्दार’’ और ‘‘चोर’’ बताया गया है।

पोस्टर में ‘तापस रॉय’ और ‘कुणाल घोष’ को प्रचारक के तौर पर दिखाया गया है।

हालांकि, घोष ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि इन पोस्टर के पीछे उनका हाथ था।

तृणमूल कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘‘पोस्टर में जिन कुणाल घोष का जिक्र है, वो मैं नहीं हूं। तापस रॉय दूसरी पार्टी के हैं और मैं ये भी नहीं कह सकता कि पोस्टर में जिनका जिक्र है वो वही हैं या नहीं। लेकिन पोस्टर में जो लिखा है उससे मैं सहमत हूं।’’

उत्तरी कोलकाता में बंद्योपाध्याय के लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं राज्य के मंत्री रॉय ने भी इसमें किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया।

रॉय ने कहा, ‘‘अगर मैं होता, तो मंत्री के रूप में मेरा पदनाम भी लिखा होता। इन पोस्टर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन उत्तरी कोलकाता के लोग सुदीप से सालों से तंग आ चुके हैं।’’

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक खेमों में सांसद का विरोध हो रहा है।

बंद्योपाध्याय ने इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश


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