DGCA New Rules 2026 : अब फ्लाइट में सीट चुनने के लिए नहीं देने पड़ेंगे extra पैसे! 20 अप्रैल से बदल जाएंगे हवाई सफर के नियम

हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत देते हुए Directorate General of Civil Aviation ने एयरलाइंस को कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इससे परिवारों और ग्रुप यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

DGCA New Rules 2026 : अब फ्लाइट में सीट चुनने के लिए नहीं देने पड़ेंगे extra पैसे! 20 अप्रैल से बदल जाएंगे हवाई सफर के नियम

DGCA New Rules 2026 / Image Source / PEXEL

Modified Date: March 29, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: March 29, 2026 10:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • Directorate General of Civil Aviation ने एयरलाइंस को 60% सीटें मुफ्त देने का निर्देश दिया।
  • एक ही PNR वाले यात्रियों को साथ बैठाने की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
  • 20 अप्रैल से नया नियम लागू होने की तैयारी।

नई दिल्ली :DGCA New Rules 2026 हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अक्सर फ्लाइट टिकट बुक करते समय अपनी पसंद की सीट चुनने के लिए यात्रियों को जेब ढीली करनी पड़ती थी, लेकिन अब यह खेल खत्म होने वाला है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए एयरलाइंस को अपनी कम से कम 60 फीसदी सीटें मुफ्त उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया है। यह नया नियम आगामी 20 अप्रैल से पूरे देश में लागू होने जा रहा है।

सीट बुकिंग के गणित में बड़ा बदलाव

अभी तक के नियमों के अनुसार, विमान में केवल 20 प्रतिशत सीटें ही मुफ्त बुक की जा सकती थीं, जबकि 80 फीसदी सीटों के लिए एयरलाइंस 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक वसूलती थीं। Free Flight Seats लेकिन 20 मार्च को संशोधित किए गए एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर के बाद, अब एयरलाइंस को 60 फीसदी सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के देनी होंगी।

एक ही PNR वालों को बड़ी राहत

परिवार के साथ सफर करने वालों की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती थी कि एक साथ टिकट होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग सीटें दी जाती थीं। DGCA ने साफ किया है कि अब एक ही PNR वाले यात्रियों को, जहां तक संभव हो, एक ही कतार में अगल-बगल की सीटें आवंटित करनी होंगी। इसके साथ ही एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट पर वाद्ययंत्रों और खेल के सामान से जुड़े शुल्कों में पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी।

एयरलाइंस का विरोध और किराये पर खतरा

इस फैसले से इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी दिग्गज कंपनियां नाखुश हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने मंत्रालय को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि सीट सिलेक्शन से होने वाली कमाई उनके राजस्व का बड़ा हिस्सा है। कंपनियों का तर्क है कि इस घाटे की भरपाई के लिए वे मूल हवाई किराये (Base Fare) में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

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