अंकिता मामले में सीबीआई जांच को भटकाने की कोशिश में धामी सरकार: कांग्रेस

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अंकिता मामले में सीबीआई जांच को भटकाने की कोशिश में धामी सरकार: कांग्रेस

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 05:28 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश के बावजूद राज्य की भाजपा सरकार जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने यह दावा भी किया कि उत्तराखंड सरकार निष्क्रिय हो चुकी है।

गोदियाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंकिता भंडारी के माता-पिता ने लिखित रूप में मांग की थी कि अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा हो, इस केस में शामिल ‘वीआईपी’ को भी सजा मिले तथा सीबीआई जांच किसी न्यायाधीश की निगरानी में हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि सीबीआई जांच करवाई जाएगी। अंकिता के माता-पिता के प्रार्थना पत्र को आधार बनाकार जांच करवाई जानी थी, लेकिन सीबीआई जांच से पहले ही किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी और फिर इस प्राथमिकी के आधार पर सीबीआई जांच की बात की गई।’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यह संदेह पैदा हो चुका है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री धामी, अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच को भटकाने के लिए कुछ तिकड़म कर रहे हैं।

पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर ‘रिसेप्शनिस्ट’ काम करने वाली 19-वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने वर्ष 2022 में अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।

तीनों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है ।

भाषा हक

हक सुरेश

सुरेश