शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता : जयशंकर

शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता : जयशंकर

शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता : जयशंकर
Modified Date: September 23, 2026 / 01:07 am IST
Published Date: September 23, 2026 1:07 am IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर यूक्रेन के अपने समकक्ष आंद्रेई सिबिहा के साथ द्विपक्षीय बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की और इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि संवाद व कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

जयशंकर इस महीने की शुरुआत में कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री से मुलाकात के कुछ सप्ताह बाद ही न्यूयॉर्क में उनसे मिले।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा, “विदेश मंत्री सोमवार को यूक्रेन के विदेश मंत्री से मिले। उन्होंने संघर्ष के संदर्भ में हाल में हुए घटनाक्रम पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने एक बार फिर भारत का यह रुख दोहराया कि शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है।”

जायसवाल से न्यूयॉर्क में जयशंकर और उनके यूक्रेनी समकक्ष के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछा गया था।

उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं… भारत, यूक्रेन और रूस दोनों के संपर्क में है। हमने दोनों पक्षों से कहा है कि अगर भारत किसी तरह योगदान दे सकता है तो वह ऐसा करने के लिए तैयार है। मैं यहां प्रधानमंत्री की उस बात का भी उल्लेख करना चाहूंगा, जो उन्होंने बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान कही थी कि अंतहीन युद्धों का अब अंत होना चाहिए। इसलिए भारत को उम्मीद है कि संवाद और कूटनीति के जरिये जल्द ही इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा।”

इससे पहले जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सिबिहा के साथ अपनी मुलाकात के बारे में जानकारी साझा की थी।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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