फर्ज़ी खबरों को खारिज करना अपराध नहीं: ज़ुबैर के मामले पर एमनेस्टी इंडिया

फर्ज़ी खबरों को खारिज करना अपराध नहीं: ज़ुबैर के मामले पर एमनेस्टी इंडिया

फर्ज़ी खबरों को खारिज करना अपराध नहीं: ज़ुबैर के मामले पर एमनेस्टी इंडिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: July 18, 2022 7:58 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) मानवाधिकार समूह ‘एमनेस्टी इंडिया’ ने फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि फर्ज़ी खबरों को खारिज करना कोई अपराध नहीं है।

ज़ुबैर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सीतापुर, लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और हाथरस जिलों में कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, न्यूज़ एंकर पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करने, हिंदू देवताओं का अपमान करने और भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर डालने के आरोप में पांच अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज़ की गयी हैं।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश में दर्ज़ पांचों प्राथमिकी के संबंध में ज़ुबैर के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाए।

एमनेस्टी इंडिया ने कहा कि ज़ुबैर को लगातार नज़रबंद रखना इस बात की खतरनाक चेतावनी है कि ”आपको भारत में सच बोलने की अनुमति नहीं है।”

एमनेस्टी इंडिया ने एक ट्वीट में कहा, फर्ज़ी खबरों को खारिज करना अपराध नहीं है। मोहम्मद ज़ुबैर को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाना चाहिए। ज़ुबैर को रिहा करो, असहमति की रक्षा करो।”

भाषा

फाल्गुनी नरेश

नरेश


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