फिरोजाबाद (उप्र), नौ सितम्बर (भाषा) फिरोबाबाद में बाबा नीम करोली महाराज के अकबरपुर गांव स्थित पैतृक घर को लेकर एक विवाद सामने आया है। उनकी पोतियों ने जिला प्रशासन के पास एक औपचारिक शिकायत देकर अपनी एक रिश्तेदार के नेतृत्व वाले ट्रस्ट द्वारा संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है जिसमें टूंडला उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह और जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव शामिल हैं।
विवाद टूंडला पद्धति के तहत अकबरपुर गांव में स्थित मकान नंबर 154 और आस-पास की संरचनाओं से संबंधित है, जो संत (पूर्व नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा) का जन्म स्थान है। इस स्थल को वर्तमान में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा एक पर्यटक आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसमें संत का ध्यान कक्ष, भोजन क्षेत्र, अतिथि क्वार्टर और शयनकक्ष शामिल हैं।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, विवाद 24 अगस्त को एक हालिया पारिवारिक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ, जब संत के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों को कमरों में कथित तौर पर नहीं ठहरने दिया गया था।
यह घर एक डुप्लेक्स है और लगभग 4000 वर्ग फुट के क्षेत्र के एक भूखंड में बनाया गया है।
श्री नीम करोली महाराज ट्रस्ट की अध्यक्ष वर्तमान में संत की बेटी गिरिजा देवी भटेले हैं, जबकि उनकी दिवंगत पत्नी रामबेटी इसकी पूर्व अध्यक्ष थीं।
घटना के बाद, छह पोतियों – सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और ऋचा रावत ने जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपकर पैतृक निवास को ट्रस्ट नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की।
भावना रावत के पति मनोज रावत ने पुष्टि की कि अनुरोध पर संबंधित संपत्ति दस्तावेज जांच समिति को सौंप दिए गए हैं।
हालांकि, संत के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा ने आरोपों से दूरी बनाते हुए कहा कि संपत्ति बाबा नीम करोली की इच्छा के अनुसार ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उन्होंने सार्वजनिक विवाद पर चिंता व्यक्त की और परिवार के सदस्यों से मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का आग्रह किया।
ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता ने किसी भी अवैध कब्जे या आंतरिक ट्रस्ट विवाद से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें धर्म नारायण शर्मा द्वारा नियुक्त किया गया था और वह संस्था की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
इस बीच, यह सब ऐसे समय में हुआ है जब संत के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद सिनेमा घरों में इसे देखने आने वाले दर्शकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। सात अगस्त, 2026 को रिलीज हुई और एक महीने के भीतर ही दुनिया भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है।
भाषा सं जफर अमित
अमित