बीआरएस विधायकों की अयोग्यता: न्यायालय ने तेलंगाना विस अध्यक्ष से दो सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट मांगी

बीआरएस विधायकों की अयोग्यता: न्यायालय ने तेलंगाना विस अध्यक्ष से दो सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट मांगी

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 02:34 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 02:34 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष से सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हुए बीआरएस विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं के निपटारे की स्थिति के बारे में दो सप्ताह में जानकारी देने को कहा।

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने अध्यक्ष को अयोग्यता याचिकाओं के निपटारे के लिए उठाए गए कदमों को दर्शाते हुए एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। अध्यक्ष ने कार्यवाही समाप्त करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा था।

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने बताया कि सात मामलों में फैसला सुनाया जा चुका है, जबकि एक मामले में फैसला सुरक्षित रखा गया है।

सिंघवी ने कहा ‘‘अध्यक्ष आंखों की सर्जरी कराने के कारण सभी अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय नहीं ले सके हैं’’ और उन्होंने कार्यवाही पूरी करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दामा शेषाद्री नायडू ने कहा कि अध्यक्ष को बार-बार समय नहीं दिया जा सकता क्योंकि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया है।

नायडू ने पीठ से कहा, ‘‘अध्यक्ष को अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था लेकिन वह अवधि बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी है।’’ उन्होंने दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिए जाने का विरोध किया।

पीठ ने कहा कि यह आखिरी मौका दिया जा रहा है, जिसके बाद परिणाम भुगतने होंगे। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख से पहले एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने 17 नवंबर 2025 को तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष को सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो चुके 10 बीआरएस विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने के अपने निर्देश का पालन न करने के लिए अवमानना ​​नोटिस जारी किया था।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा