वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्तरां पारंपरिक ईंधन अपनाने को मजबूर

वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्तरां पारंपरिक ईंधन अपनाने को मजबूर

वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्तरां पारंपरिक ईंधन अपनाने को मजबूर
Modified Date: March 12, 2026 / 10:46 pm IST
Published Date: March 12, 2026 10:46 pm IST

अजमेर, 12 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से अजमेर के होटल और रेस्तरां पारंपरिक ईंधन अपनाने को मजबूर हो गए हैं।

शहर के कई छोटे-बड़े भोजनालयों ने खाना पकाने के लिए कोयला और लकड़ी जैसे विकल्पों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे इनकी मांग में तेजी आई है।

कोयला व्यापारी अयूब ने कहा, ‘‘पहले होटल और सड़क किनारे ढाबे सीमित मात्रा में कोयला इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब कई व्यवसाय बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि लकड़ी की दैनिक खपत लगभग 100 किलोग्राम से बढ़कर 200-250 किलोग्राम तक पहुंच गई है तथा आने वाले दिनों में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।

एक अन्य व्यापारी मान केवालरामानी ने कहा कि बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला कोयला अब लगभग 35 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इसी तरह लकड़ी की कीमत आठ रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब 10 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। कई होटल मालिक भविष्य में ईंधन की कमी से बचने के लिए थोक में बुकिंग कर रहे हैं।’’

एक अन्य कोयला आपूर्तिकर्ता हीरा लाख्यानी ने कहा कि यदि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो पारंपरिक ईंधनों की मांग और उनकी कीमतें दोनों और बढ़ सकती हैं।

भाषा बाकोलिया

खारी

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