नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक सांसद ने रेल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि जापान सहित अन्य विकसित देशों में 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का परिचालन होने के बावजूद पिछले कुछ दशकों में एक भी जनहानि नहीं हुई, जबकि भारत में अक्सर ट्रेनों के बीच टक्कर हो जाती है।
द्रमुक के कलानिधि वीरास्वामी ने मेट्रो रेल की तर्ज पर उपनगरीय ट्रेनों में भी स्वचालित द्वार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे में सबसे बड़ी चिंता यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है। ज्यादातर विकसित देशों में उन्नत प्रणालियां हैं, खासकर जापान जैसे देशों में। उन (विकसित) देशों में ट्रेनों की रफ्तार 300-350 किमी प्रति घंटे है। लेकिन पिछले कई दशकों में जनहानि होने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं, हमारी ट्रेनों की औसत गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे है और ट्रेनों के बीच टक्कर होने की घटनाएं अक्सर हुआ करती हैं।’’
द्रमुक सांसद ने कहा कि रेल मंत्रालय इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए ‘नॉन कॉन्सक्वेन्शल’ शब्दावली का इस्तेमाल करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस शब्दावली के इस्तेमाल को लेकर काफी भ्रमित रहते हैं। ज्यादातर नॉन-कॉन्सक्वेन्शल (जिनसे ज्यादा जनहानि नहीं होती) दुर्घटनाएं दर्ज नहीं की जाती हैं।’’
उन्होंने पिछले साल तमिलनाडु के कडलूर जिले में एक ‘लेवल क्रॉसिंग’ पर हुई स्कूल बस दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कई बच्चों की जान चली गई, लेकिन रेलवे के आंकड़ों में इसका कोई उल्लेख नहीं है।
द्रमुक सांसद ने दावा किया कि रेल मंत्रालय का मानना है कि रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली इस तरह की दुर्घटनाओं में रेलवे की कोई गलती नहीं है, इसलिए इस पहलू पर भी गौर करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश में ‘लेवल क्रॉसिंग’ की कुल संख्या 18,477 है, जिनमें से 559 अब भी मानवरहित हैं।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की गुम्मा तनुजा रानी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराये में छूट को बहाल करने की जरूरत है। उन्होंने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेलवे पास जारी करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि रेलवे की तत्काल ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में सुधार करने की जरूरत है ताकि बुकिंग एजेंट इसका दुरूपयोग नहीं कर सकें।
कांग्रेस के सुखदेव भगत ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2025 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ट्रेनों में शौचालय और ‘वाश बेसिन’ में पानी नहीं आने के संबंध में रेलवे को एक लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।
उन्होंने भी वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, खिलाड़ियों को रेल किराये में रियायत देने की मांग की।
निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने ट्रेन टिकट की तत्काल ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में रेल मंत्री से सुधार करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि एक मिनट के अंदर ही, सारी उपलब्ध सीट खत्म हो जाती है और लोगों को टिकट नहीं मिल पाता है।
उन्होंने प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने की भी मांग करते हुए कहा कि इससे डिब्बों की संख्या बढ़ेगी और ट्रेनों में सीट बढ़ने से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों की संख्या में कमी आएगी।
यादव ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की निविदाएं खोलने की मांग करते हुए कहा कि इससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि यह भी सवाल किया कि आईआरसीटीसी में नये विक्रेता क्यों नहीं शामिल किये जा रहे हैं और एक खास विक्रेता को ही प्राथमिकता क्यों दी जा रही है? उन्होंने रेलवे प्लेटफार्म पर बीकानेर और हल्दीराम जैसी कंपनियों के उत्पाद उपलब्ध कराने की भी मांग की।
कांग्रेस के इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि रेलवे में ठेकेदार, कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में सफाई में सुधार हुआ है लेकिन कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
भाकपा-माले (लिबरेशन) के सांसद सुदामा प्रसाद ने पूर्व की भांति रेलवे का बजट अलग से पेश किए जाने की मांग की।
भाजपा के राजीव भारद्वाज ने कहा कि रेल मंत्रालय के विकास कार्यों को इस बात से समझा जा सकता है कि आज तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी रेल मंत्री वैष्णव के नेतृत्व में हो रहे कार्यों की तारीफ की है।
आम आदमी पार्टी के गुरमीत हेयर ने कोरोना काल से पहले कुछ वर्गों के लिए रेल किराये में लागू सभी तरह की छूट को बहाल करने की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की हरसिरमत कौर बादल ने सिख धर्म के सभी तख्त को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि महज 10 किमी रेल पटरी बिछाने से तलवंडो साबो भी इससे जुड़ जाएगा।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान बंद की गई ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू करने की भी मांग की। कौर ने दावा किया कि ट्रेनों की टक्कर रोधी ‘कवच’ प्रणाली पंजाब में किसी भी रेल मार्ग पर अब तक लागू नहीं की गई है।
राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के चंदन चौहान ने कहा कि वर्ष 2026-27 का रेल बजट भारतीय रेल के विकास का प्रतीक है।
भाजपा के गोपालजी ठाकुर ने मैथिली में कहा बिहार के लिए इस बजट में 10,389 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कोसी नदी के कारण संपूर्ण मिथिला क्षेत्र दो भाग में बंटा हुआ था, लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 516 करोड़ रुपये की लागत से इस नदी पर रेलवे पुल का निर्माण करा कर दोनों हिस्सों को जोड़ा।
शिवसेना के नरेश गणपत म्हस्के ने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट बहाल करने की मांग की।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के इंद्र हान्ग सुब्बा ने कहा कि सिक्किम में आज भी रेल नेटवर्क नहीं है। उन्होंने अगले दो तीन साल में, राज्य में पहली बार रेल पहुंचने की उम्मीद जताई।
भाषा सुभाष हक
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