चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : चिकित्सकों ने 10वें दिन जंतर-मंतर पर किया विरोध प्रदर्शन
चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : चिकित्सकों ने 10वें दिन जंतर-मंतर पर किया विरोध प्रदर्शन
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) कोलकाता के एक अस्पताल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में रेजीडेंट चिकित्सकों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल के 10वें दिन बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों में से एक ने कहा, ‘‘यह समझना बहुत जरूरी है कि हम अपने कार्यस्थल पर बेहतर कार्य स्थितियों के लिए लड़ रहे हैं।’’
इन प्रदर्शनों के कारण शहर के कई सरकारी अस्पतालों में वैकल्पिक सेवाएं निलंबित हैं।
रेजीडेंट चिकित्सक विरोध प्रदर्शन के लिए पूर्वाह्न 11 बजे जंतर-मंतर पर पहुंचे। शनिवार के बाद यह उनकी दूसरी सभा थी।
इस दौरान ‘दोषियों को सजा दो’ और ‘शौक नहीं, मजबूरी है ये हड़ताल जरूरी है’ जैसे नारे गूंजते रहे।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक राधिका शर्मा ने कहा, ‘‘न केवल एक चिकित्सक के रूप में बल्कि एक महिला के रूप में भी मैं कार्य करते समय अक्सर असुरक्षित महसूस करती हूं। मुझे कार्य के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है और लगातार अपनी सुरक्षा के बारे में सोचना पड़ता है, अक्सर सुरक्षा के लिए कुछ साथ रखती हूं।’’
एक अन्य प्रदर्शनकारी चिकित्सक ने कहा, ‘‘हम इसे राष्ट्रीय मुद्दा मानने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आभारी हैं, लेकिन हम हड़ताल जारी रख रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि यह मुद्दा जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचे।’’
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जीटीबी, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों ने मौन प्रदर्शन में भाग लेने का अनुरोध करते हुए अलग-अलग बयान जारी किए हैं।
दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों के ‘रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ (आरडीए) के सदस्य, ‘फेडरेशन आफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ (फोरडा) और ‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’(एफएआईएमए) के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को सेमीनार हॉल के भीतर चिकित्सक का शव पाया गया था जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। कोलकाता पुलिस ने इस घटना के संबंध में अगले दिन एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी।
भाषा यासिर शोभना
शोभना

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