घरेलू सहायकों को आवश्यक सेवा कर्मियों के रूप में मान्यता दी जाए: भाजपा सांसद

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घरेलू सहायकों को आवश्यक सेवा कर्मियों के रूप में मान्यता दी जाए: भाजपा सांसद

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 08:54 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 08:54 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भाजपा सदस्य के. लक्ष्मण ने सरकार से घरेलू सहायकों को आवश्यक सेवा कर्मियों के रूप में मान्यता देने और कल्याणकारी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की मांग की।

उच्च सदन में विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाते हुए लक्ष्मण ने कहा कि घरेलू सहायक कार्यबल के सर्वाधिक असंगठित वर्गों में से हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू सहायक साफ-सफाई, खाना पकाने, बच्चों की देखभाल जैसे आवश्यक कार्य करते हैं, जिससे लाखों परिवारों को घरेलू कामकाज में मदद मिलती है और शहरी अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती है।

ई-श्रम पोर्टल के अनुसार, देश में 2.89 करोड़ घरेलू सहायक हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं, प्रवासी और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के लोग हैं।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद ज्यादातर घरेलू सहायक लिखित अनुबंध, निश्चित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और उचित शिकायत निवारण तंत्र के बिना काम करते हैं।

लक्ष्मण ने कहा कि सरकार ने असंगठित श्रमिकों को समर्थन देने के लिए ई-श्रम पोर्टल और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 जैसी पहल की हैं, जिनका उद्देश्य सभी क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा लाभों का विस्तार करना है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि घरेलू सहायकों को अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनका कार्यस्थल घरों के अंदर होता है, जिससे नियमन और सुरक्षा मुश्किल हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘कई घरेलू सहायक अनियमित वेतन, लंबे कार्य घंटे और अचानक बर्खास्तगी के शिकार होते हैं।’’

विशेष उल्लेख के जरिए ही कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने सरकार से भूमि ‘पूलिंग’ नीति को लागू करने और दिल्ली मास्टर प्लान 2041 को जल्द से जल्द अधिसूचित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस संबंध में हुई देरी का हवाला देते हुए कहा कि इस वजह से हजारों भूस्वामी संकट में हैं।

उन्होंने कहा कि इस देरी से किसानों, ग्रामीणों और मध्यम वर्ग के निवेशकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा है, जिन्होंने किफायती आवास और नियोजित विकास की उम्मीद में सहकारी और कल्याणकारी समितियों के माध्यम से अपनी बचत का निवेश किया था। उन्होंने कहा कि कई लोग वाद दायर करने के लिए मजबूर हो गए हैं।

द्रमुक सदस्य पी. विल्सन ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट 3 और 4 से बिजली के लिए निर्धारित सांकेतिक ‘टैरिफ’ पर चिंता जतायी और इसे मौजूदा दरों में अनुचित वृद्धि बताया।

विल्सन ने विशेष उल्लेख के माध्यम से यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा विभाग ने 2026-27 के दौरान चालू होने वाली 2,000 मेगावाट क्षमता के लिए 5.9179 रुपये प्रति यूनिट का सांकेतिक टैरिफ निर्धारित किया है जो यूनिट 1 और 2 पर लागू मौजूदा 3 रुपये से 4.10 रुपये प्रति यूनिट की सीमा से काफी अधिक है।

उन्होंने इस संबंध में सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा के मदन राठौड़ ने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विधायी पहल करने की सरकार से मांग की। भाजपा के ही संजय सेठ ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज गति से वाहन चलाने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया और इस पर काबू के लिए ड्रोन से निगरानी का सुझाव दिया।

राकांपा (शप) की फौजिया खान ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का मुद्दा उठाया। भाजपा के सतपाल शर्मा और मनोनीत सदस्य सतनाम सिंह संधू ने भी विशेष उल्लेख के जरिए विभिन्न मुद्दे उठाए।

भाषा अविनाश सुभाष

सुभाष

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