अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा डीआरडीओ: शीर्ष अधिकारी

अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा डीआरडीओ: शीर्ष अधिकारी

  •  
  • Publish Date - January 20, 2026 / 03:45 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 03:45 PM IST

बेंगलुरु, 20 जनवरी (भाषा) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रौद्योगिकियों और स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिनमें आत्मनिर्भरता और भविष्य के युद्ध क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डीआरडीओ के महानिदेशक (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार प्रणाली) बी. के. दास ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर कॉन्फ्रेंस–इंडिया (ईडब्ल्यूसीआई) के इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में दास ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े सभी हितधारकों -उद्योग, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों—को एक मंच पर लाना है, ताकि तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम किया जा सके।

उन्होंने कहा, “मुख्य उद्देश्य देश के पूरे इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर इकोसिस्टम—उद्योग, अकादमिक जगत और शोध संस्थानों—को एकजुट करके इस उभरते युद्ध क्षेत्र में एक साझा उद्देश्य के लिए काम करना है।”

दास ने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत वैश्विक भागीदारी और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास को गति मिल रही है।

भविष्य की परियोजनाओं पर उन्होंने कहा कि डीआरडीओ उन्नत तकनीकों पर काम कर रहा है, जो आने वाले दशकों में युद्ध की परिभाषा बदल देंगी।

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत