नई दिल्ली। House Building Advance Scheme: अपने घर का सपना हर किसी का होता है, लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में इसे साकार करना आसान नहीं है। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के इस सपने को पूरा करने के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के जरिए केंद्रीय कर्मचारियों को घर, फ्लैट या प्लॉट खरीदने अथवा निर्माण के लिए अग्रिम राशि दी जाती है।
HBA योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारी ₹1.25 करोड़ तक मूल्य के मकान, फ्लैट या प्लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। नियमों के अनुसार, कर्मचारी अपने मूल वेतन के 139 गुना या अधिकतम ₹1 करोड़ (जो भी कम हो) लागत वाले मकान या फ्लैट के लिए एडवांस ले सकता है। वहीं, अधिकतम एडवांस राशि कर्मचारी के 34 माह के मूल वेतन के बराबर होती है, लेकिन यह ₹25 लाख से अधिक नहीं हो सकती। यह राशि मकान या फ्लैट की कुल लागत और कर्मचारी की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखकर तय की जाती है।
House Building Advance Scheme: यह सुविधा केंद्र सरकार के स्थायी कर्मचारियों को दी जाती है। कुछ शर्तों के साथ अस्थायी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते उन्होंने कम से कम 5 वर्ष की सरकारी सेवा पूरी कर ली हो। इसके अलावा, जो कर्मचारी पहले से किसी बैंक या वित्तीय संस्था से होम लोन ले चुके हैं, वे अपने मौजूदा लोन को HBA में परिवर्तित भी कर सकते हैं।
हालांकि, इस योजना के तहत कुछ शर्तें भी लागू हैं। कर्मचारी के नाम पर पहले से कोई सरकारी आवास नहीं होना चाहिए और न ही पहले किसी आवास संबंधी सरकारी लाभ का उपयोग किया गया हो। यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, तो HBA का लाभ केवल एक ही व्यक्ति ले सकता है। वर्तमान में हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर 7.44 प्रतिशत निर्धारित है। यह ब्याज दर हर वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्रालय से परामर्श के बाद समीक्षा की जाती है। HBA योजना केंद्रीय कर्मचारियों के लिए घर का सपना पूरा करने में एक बड़ी राहत साबित हो रही है।