पणजी, दो अगस्त (भाषा) गोवा के मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन सपनों को चकनाचूर कर देता है, परिवारों को तोड़ देता है और समाज को कमजोर करके अंततः राष्ट्र की प्रगति में बाधा डालता है।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण तभी संभव है, जब नई पीढ़ी शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से सशक्त हो।
राणे ने यह बात वल्पोई में ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ की देशव्यापी शुरूआत के अवसर पर कही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस पहल में गोवा के सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। इसके तहत उत्तरी गोवा के वल्पोई और उसगांव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राणे ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत एक परिवर्तनकारी ‘जन भागीदारी’ आंदोलन का आरंभ है।
उन्होंने कहा, ‘‘संदेश स्पष्ट है-विकसित भारत का निर्माण केवल ऐसी पीढ़ी ही कर सकती है, जो शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत, आत्मविश्वास से भरपूर और नशे से मुक्त हो।’’
‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें अपने-अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अभियान के साथ ही 100 सप्ताह तक चलने वाले देशव्यापी ‘जन भागीदारी’ अभियान की भी शुरुआत हुई। इसके तहत देशभर में प्रत्येक रविवार को विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए लोगों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही कहा है कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग केवल किसी एक व्यक्ति को ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि यह सपनों को चकनाचूर कर देता है, परिवारों को तोड़ता है, समाज को कमजोर करता है और अंततः राष्ट्र की प्रगति में बाधा बनता है।’’
मंत्री ने कहा कि 100 सप्ताह तक चलने वाला देशव्यापी ‘जन भागीदारी’ अभियान प्रत्येक नागरिक से परिवर्तन का वाहक बनने का सशक्त आह्वान है।
भाषा संतोष नरेश
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