Delhi University UHW Hostel Protest : “450 रुपये रोज का एक्स्ट्रा चार्ज…” फीस जमा होने के बाद भी DU हॉस्टल में क्यों धरने पर बैठीं छात्राएं? जानें पूरा मामला

University of Delhi के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर वीमेन (UHW) में छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्राओं का आरोप है कि परीक्षा के बीच पानी की सप्लाई बंद कर दी गई और हॉस्टल में रुकने के लिए ₹450 प्रतिदिन अतिरिक्त शुल्क मांगा जा रहा है।

Delhi University UHW Hostel Protest : “450 रुपये रोज का एक्स्ट्रा चार्ज…” फीस जमा होने के बाद भी DU हॉस्टल में क्यों धरने पर बैठीं छात्राएं? जानें पूरा मामला
Modified Date: May 22, 2026 / 11:07 am IST
Published Date: May 22, 2026 10:29 am IST
HIGHLIGHTS
  • DU के वीमेन हॉस्टल में छात्राओं का देर रात धरना प्रदर्शन
  • पानी की सप्लाई बंद करने और ₹450 प्रतिदिन अतिरिक्त शुल्क मांगने का आरोप
  • छात्र संगठन AISA ने भी आंदोलन को दिया समर्थन

नई दिल्ली: Delhi University UHW Hostel Protest दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के ‘यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर वीमेन’ (UHW) में गुरुवार देर रात छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ बड़ी संख्या में छात्राएं रात करीब 9:30 बजे से हॉस्टल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का आरोप है कि प्रशासन उन पर जबरन हॉस्टल खाली करने का दबाव बना रहा है।

450 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क मांगना शुरू

प्रदर्शन कर रही छात्राओं के अनुसार , इस समय उनकी सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं और कई छात्राएं NET की तैयारी भी कर रही हैं। ,( DU girls hostel water supply cut ) ऐसे समय में प्रशासन ने हॉस्टल के दो ब्लॉकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी है, जिससे इस भीषण गर्मी में रहना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, रीडिंग रूम से कुर्सियां हटा दी गई हैं, जबकि जून और जुलाई तक की फीस पहले ही जमा कराई जा चुकी है। छात्राओं का यह भी आरोप है कि प्रशासन ने अब हॉस्टल में रुकने के लिए 450 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क मांगना शुरू कर दिया है।

AISA ने किया समर्थन

छात्राओं के इस आंदोलन को छात्र संगठन एआईएसए (AISA) का भी साथ मिला है। संगठन ने हॉस्टल प्रोवोस्ट के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही हॉस्टल में 24 घंटे पानी की सप्लाई तुरंत बहाल करने और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छात्राओं को परीक्षा खत्म होने तक रहने देने की मांग उठाई है। फिलहाल छात्राएं अपनी मांगों को लेकर हॉस्टल के बाहर डटी हुई हैं।

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लेखक के बारे में

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