निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वार्ड में महिला के साथ मिला विचाराधीन कैदी एक सरकारी कर्मी

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निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वार्ड में महिला के साथ मिला विचाराधीन कैदी एक सरकारी कर्मी

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 05:54 PM IST

मांडया (कर्नाटक), 25 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मांडया स्थित एमआईएमएस अस्पताल के विशेष वार्ड में इलाज के लिए भर्ती विचाराधीन कैदी एक सरकारी अधिकारी मंगलवार को कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (केएसएलएसए) के औचक निरीक्षण के दौरान एक महिला के साथ पाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि केएसएलएसए की टीम ने सोमवार शाम एमआईएमएस अस्पताल का निरीक्षण किया था।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान पता चला कि भ्रष्टाचार के एक मामले में विचाराधीन कैदी भूमि अभिलेख के सहायक निदेशक (एडीएलआर) के सर्वेक्षण पर्यवेक्षक महमद हुसैऩ 21 अगस्त से मांडया आयुर्विज्ञान संस्थासन (एमआईएमएस) अस्पताल में भर्ती था।

सूत्रों ने बताया कि हुसैन को अस्पताल में भर्ती करने के लिए होने के लिए अदालत की अनुमति नहीं ली गयी थी और उसे ऐसी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी नहीं थी, जिसके लिए इस तरह के इलाज की आवश्यकता हो।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान हुसैन अस्पताल के वार्ड में एक महिला के साथ उसी कमरे में पाया गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या मामले में पुलिस ने जांच शुरू की है, पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘जो लोग वहां पहरेदार के तौर पर तैनात थे तथा महिला के कमरे के अंदर प्रवेश के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।’’

अधिकारियों के अनुसार, श्रीरंगपट्टण स्थित भूमि अभिलेख के सहायक निदेशक (एडीएलआर) कार्यालय में लोकायुक्त की छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए हुसैन को लोकायुक्त अधिकारियों की कार्रवाई के एक दिन बाद तीन जुलाई को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

हुसैन पर श्रीरंगपट्टण तालुक भूमि अभिलेख कार्यालय में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने तथा सरकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर अकरबंद (भूमि सीमांकन) कार्य में मदद करने, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।

निरीक्षण टीम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा डीएलएसए अध्यक्ष चंद्रशेखर सी, केएसएलएसए सदस्य सचिव शशिधर शेट्टी, जनसंपर्क अधिकारी बालासुब्रमणि, सदस्य डॉ. मोहन राव नलवाडे और डीएलएसए सदस्य सचिव आनंद एम शामिल थे।

कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (कारागार) आलोक कुमार के अनुसार, जेल में डॉक्टर के निरीक्षण के बाद हुसैन को एमआईएमएस अस्पताल भेजा गया था, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती करने की सलाह दी थी।

अस्पताल के वार्ड में महिला के साथ पाए जाने संबंधी खबरों पर अधिकारी ने कहा, ‘‘यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है। यह जिला पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए पहरेदार की जिम्मेदारी है।’’

उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आरोपी को वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या जेल विभाग मामले की जांच करेगा, उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रक्रियागत चूक, खासकर हमें सूचना देने में हुई देरी की जांच करेंगे।’’

भाषा

राखी माधव

माधव