डूसू मतगणना: अध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों में अभाविप आगे
डूसू मतगणना: अध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों में अभाविप आगे
नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए शनिवार को जारी मतगणना के बीच अध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के यश डबास सबसे आगे हैं जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विजय शंकर मीणा दूसरे स्थान पर हैं।
इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव एवं महासचिव पद पर जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने केवल उपाध्यक्ष पद जीता था।
शनिवार को पहले दौर की मतगणना के बाद डबास को 1,305 मत मिले जबकि मीणा को 1,191 और वाम गठबंधन की उम्मीदवार अनन्या रतूड़ी को 288 मत मिले। पहले दौर में कुल 3,270 मतों की गिनती हुई।
अधिकारियों ने बताया कि अभी मतगणना का केवल एक दौर पूरा हुआ है और दूसरे दौर की मतगणना शुरू हो गई है।
केंद्रीय पैनल के चार पदों के साथ-साथ कॉलेज छात्र संघ के प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे ‘नॉर्थ कैंपस’ स्थित विश्वविद्यालय खेल स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय हॉल में शुरू हुई। प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे को लेकर हाल में हुए छात्र आंदोलन के मद्देनजर चुनाव में प्रमुख छात्र संगठनों के प्रदर्शन को लेकर काफी उत्सुकता है।
चुनाव के लिए शुक्रवार को कई महाविद्यालयों में मतदान हुआ था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) लगाई गई थीं, जिनमें से 960 का इस्तेमाल मतदान के लिए किया गया जबकि 40 मशीन को सुरक्षित रखा गया था।
ईवीएम को शुक्रवार शाम मतदान समाप्त होने के बाद पुलिस की सुरक्षा में मतगणना स्थल ले जाया गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है और मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस साल चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे विद्यार्थियों का कल्याण, परिसर में सुविधाएं, छात्रावास की व्यवस्था और सुरक्षा रहे। इस महीने की शुरुआत में सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद सुरक्षा का मुद्दा विशेष रूप से चर्चा में रहा। इस हादसे में विद्यार्थियों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली में जून-जुलाई के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ और परीक्षा सुधारों के मुद्दे पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन भी हुआ था।
एक अधिकारी ने बताया कि महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और परिसरों में पैदल गश्ती दल, मोटरसाइकिल दस्ते और पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख स्थानों पर अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी परामर्श के तहत लगाए गए यातायात प्रतिबंध शनिवार को नतीजों की घोषणा होने तक लागू रहेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मतगणना प्रक्रिया के दौरान प्रवेश और निकास बिंदुओं, विद्यार्थियों की आवाजाही तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है।
भाषा सिम्मी रंजन
रंजन

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