कारगिल हवाई अड्डे का जल्द परिचालन शुरू करना प्राथमिकता : लद्दाख के उपराज्यपाल

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कारगिल हवाई अड्डे का जल्द परिचालन शुरू करना प्राथमिकता : लद्दाख के उपराज्यपाल

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 07:27 PM IST

कारगिल, दो सितंबर (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को कहा कि कारगिल हवाई अड्डे का परिचालन जल्द से जल्द शुरू करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन इससे जुड़ी तकनीकी और अन्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने यहां डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) के उद्घाटन से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हवाई अड्डे के परिचालन को लेकर मंगलवार को स्थानीय नेताओं और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक हुई, जिसमें भारतीय वायुसेना और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

सक्सेना ने कहा, ‘‘हम सभी चाहते है कि इस हवाई अड्डे को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। जमीन अधिग्रहण और कुछ तकनीकी मुद्दों समेत कुछ कठिनाइयां और चुनौतियां हैं जिन्हें हवाई अड्डे के निर्धारित मानकों के अनुसार दूर करना होगा।’’

उन्होंने कहा कि प्रशासन लंबित मुद्दों को व्यापक तरीके से हल करने और हवाई अड्डे को जल्द से जल्द चालू करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

सक्सेना ने कहा, ‘यह कारगिल के लोगों की भी लंबित मांग है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

उन्होंने कहा कि कारगिल में पीओपीएसके का उद्घाटन लद्दाख में नागरिक केंद्रित सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को यहां डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) का उद्घाटन किया।

अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने डाक विभाग के सहयोग से कारगिल उप डाकघर में यह पीओपीएसके स्थापित किया है। यह लेह के बाद लद्दाख में दूसरा पासपोर्ट सेवा केंद्र और देश का 457वां पीओपीएसके है।

अधिकारियों के अनुसार, इस सुविधा के शुरू होने से कारगिल के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इससे पहले उन्हें पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए लेह और श्रीनगर जाना पड़ता था।

अधिकारियों ने बताया कि इसके शुरू होने से पासपोर्ट बनवाने में लगने वाले समय, यात्रा और खर्च में कमी आने की उम्मीद है। इससे खास तौर पर शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जाने वाले लोगों के साथ-साथ सऊदी अरब में हज और उमरा के लिए जाने वाले लोगों को लाभ होगा।

भाषा प्रचेता पवनेश

पवनेश