नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को भारी वाहनों और निर्माण उपकरणों के चालकों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने की तत्काल आवश्यकता बतायी। उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल ऐसे प्रशिक्षण के लिए कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है।
गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बड़ी संख्या में चालकों को वाहन चलाने के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है। यह महत्वपूर्ण है। खासकर भारी वाहनों और निर्माण उपकरणों के लिए जहां प्रशिक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।’’
मंत्री ने कहा कि उन्होंने जेसीबी इंडिया समेत प्रमुख निर्माण उपकरण विनिर्माताओं से ऐसे चालकों के लिए औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जेसीबी और अन्य कंपनियों से पहले ही अनुरोध किया है कि उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना चाहिए। अपने उपकरण बेचने से पहले चालकों को प्रशिक्षण देना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’
गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क परिवहन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही है, ताकि सुरक्षा और कामकाज की दक्षता में सुधार किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि अब हम लगातार संबंधित पक्षों में जागरूकता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे हम इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सुरक्षा मानकों को कड़ा करने, उन्नत चालक सहायता प्रणालियों को अनिवार्य बनाने और वाणिज्यिक तथा भारी वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने पर जोर दे रहा है।
गडकरी ने कहा कि देश में दोपहिया वाहन सवारों की मौत का आंकड़ा 81,780 रहा, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के कारण 14,466 लोगों की मौत हुई, जबकि दुर्घटना के बाद वाहन लेकर भाग जाने के मामलों में 34,030 लोगों की जान गई।
मंत्री ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
भाषा रमण अजय
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