पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जिला न्यायाधीश से हिरासत में युवक की मौत की न्यायिक जांच का आग्रह किया
पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जिला न्यायाधीश से हिरासत में युवक की मौत की न्यायिक जांच का आग्रह किया
जमशेदपुर, चार जनवरी (भाषा) झारखंड की पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस ने एक युवक की कथित तौर पर हिरासत में मौत की न्यायिक जांच के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से आग्रह किया है।
जिले के एमजीएम थाना अंतर्गत गोकुलनगर निवासी जीत महतो को 29 दिसंबर को चोरी का मोबाइल फोन रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अगले दिन महतो की तबीयत बिगड़ गई, और उसे एमजीएम अस्पताल ले जाया गया जहां 31 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
महतो के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी मौत हिरासत में पुलिस की प्रताड़ना की वजह से हुई।
जिला पुलिस ने शनिवार को एक बयान में कहा कि महतो का पोस्टमॉर्टम एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में किया गया और रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं था।
अस्पताल के ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार, यह साफ तौर पर बताया गया कि मौत ‘‘जटिल सेरेब्रल मलेरिया’’ के कारण हुई।
हालांकि, ज़िला पुलिस ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर अपील की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक जांच की जाए।
बयान में यह भी कहा गया कि अब इस घटना की न्यायिक जांच होगी।
इस बीच, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
मुंडा ने इस घटना को ‘‘अमानवीय एवं शर्मनाक’’ बताया और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंने एमजीएम थाने के प्रभारी को तुरंत निलंबित करने और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की।
भाजपा सांसद विद्युत बरन महतो ने शुक्रवार को महतो के परिवार से मुलाकात की थी और कहा कि गिरफ्तारी ही संदेह के घेरे में है।
उन्होंने सवाल किया कि पोस्टमॉर्टम इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया और शव का अंतिम संस्कार क्यों किया गया?
भाजपा सांसद ने मृतक के परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की क्योंकि वह परिवार में एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति था। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक सरयू राय ने इस घटना को ‘‘गंभीर’’ बताया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
राय ने कहा कि युवक की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
भाषा रंजन नेत्रपाल
नेत्रपाल

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