निर्वाचन आयोग ने मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच एनआईए को सौंपी

Ads

निर्वाचन आयोग ने मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच एनआईए को सौंपी

  •  
  • Publish Date - April 2, 2026 / 10:33 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 10:33 PM IST

कोलकाता/नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी।

दिल्ली में निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए की एक टीम शुक्रवार को राज्य में मौजूद रहेगी।

पश्चिम बंगाल को ‘‘सबसे अधिक ध्रुवीकरण वाला राज्य’’ बताते हुए, उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले पर प्रशासन की ‘‘पूर्ण विफलता’’ और निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताई और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या एनआईए से जांच कराए जाने का निर्देश दिया।

निर्वाचन आयोग ने दो अप्रैल को एनआईए को लिखे पत्र में न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए उसे बुधवार की घटना की जांच करने का निर्देश दिया।

घेराव की घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्यायालय ने कहा कि यह घटना “राज्य प्रशासन की पूर्ण विफलता को भी उजागर करती है” और “न्यायिक अधिकारियों को धमकाने का न सिर्फ एक बेशर्म प्रयास” था, बल्कि यह शीर्ष अदालत के अधिकार को चुनौती देने के बराबर भी था।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे।

यह घटना मालदा जिले के कालियाचक इलाके में एसआईआर कवायद के दौरान हुई जब ‘‘असामाजिक तत्वों’’ ने बुधवार को एक खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में अपराह्न साढ़े तीन बजे से सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार आधी रात के आसपास सुरक्षा बलों ने उन न्यायिक अधिकारियों को मुक्त कराया, जिनका घेराव किया गया था।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

पवनेश