निर्वाचन आयोग ने 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व नौसेना प्रमुख को जारी नोटिस का समाधान किया

निर्वाचन आयोग ने 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व नौसेना प्रमुख को जारी नोटिस का समाधान किया

निर्वाचन आयोग ने 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व नौसेना प्रमुख को जारी नोटिस का समाधान किया
Modified Date: January 12, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: January 12, 2026 8:38 pm IST

पणजी, 12 जनवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग (ईसी) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि गोवा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल (सेवानिवृत्त) अरुण प्रकाश को जारी किया गया विवादास्पद नोटिस प्रणाली-आधारित प्रक्रिया का परिणाम था।

आयोग ने कहा कि उनके पिछले गणना प्रपत्र में अपूर्ण विवरणों के कारण यह नोटिस जारी किया गया था।

वीर चक्र विजेता और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक 81 वर्षीय एडमिरल प्रकाश को भेजे गए नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया था, जिसमें पूर्व सैनिकों और आम लोगों ने सवाल उठाया था कि ऐसे सम्मानित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से ‘अपनी पहचान साबित करने’ की आवश्यकता क्यों है।

 ⁠

अधिकारियों ने कहा कि प्रपत्र विधिवत रूप से भर दिया गया है और पूर्व नौसेना प्रमुख को अब उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।

सोमवार को जारी एक स्पष्टीकरण में, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी डॉ. मेडोरा एरमोमिला डी’कोस्टा ने कहा कि कोर्टालिम निर्वाचन क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने एडमिरल का प्रपत्र एकत्र किया, लेकिन पाया कि इसमें पिछले अनिवार्य विवरणों की कमी थी।

उन्होंने कहा, “यह देखा गया कि उक्त गणना प्रपत्र में पिछले एसआईआर से संबंधित अनिवार्य विवरण शामिल नहीं थे, जिनमें मतदाता का नाम, ईपीआईसी नंबर, रिश्तेदार का नाम, विधानसभा क्षेत्र का नाम और संख्या, भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या शामिल हैं।”

अधिकारी ने बताया कि इन आवश्यक पहचान विवरणों के अभाव में, ‘बीएलओ एप्लिकेशन’ प्रस्तुत गणना प्रपत्र और मौजूदा मतदाता सूची डेटाबेस के बीच स्वचालित संबंध स्थापित करने में असमर्थ था।

स्पष्टीकरण में कहा गया है, ‘चूंकि पिछली एसआईआर से संबंधित सभी जानकारियां नहीं दी गई थीं, इसलिए सिस्टम ने गणना प्रपत्र को असत्यापित श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया।

डी’कोस्टा ने कहा कि मानक, सिस्टम-आधारित प्रक्रिया के अनुसार, मतदाता के विवरण के सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के लिए उचित अवसर सुनिश्चित करने के वास्ते सुनवाई नोटिस स्वचालित रूप से तैयार करके जारी किया गया था।

एडमिरल प्रकाश 2006 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से गोवा में रह रहे हैं। उन्होंने बुजुर्ग नागरिकों से संबंधित परेशानी सोशल मीडिया पर साझा की और कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को उनके निवास से 18 किलोमीटर दूर एक स्थान पर दो अलग-अलग तारीखों पर उपस्थित होने के लिए कहा गया था।

साल 2004 से 2006 तक नौसेना प्रमुख रहे एडमिरल प्रकाश ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे न तो किसी विशेष सुविधा की आवश्यकता है और न ही मैंने कभी इसके लिए अनुरोध किया है… लेकिन अगर एसआईआर प्रपत्र से अपेक्षित जानकारी नहीं मिल रही है, तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि बीएलओ तीन बार उनके घर पहुंचे थे और उस समय वे आसानी से वांछित दस्तावेजों की मांग कर सकते थे।

भाषा

नोमान संतोष

संतोष


लेखक के बारे में