नयी दिल्ली/ कोलकाता, पांच मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले में कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है ताकि वह देश छोड़कर नहीं जा सकें। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह लुकआउट सर्कुलर बिस्वास द्वारा ईडी की ओर से धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में जारी किए गए कई समन को नजरअंदाज करने के बाद जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के नेतृत्व वाले कथित तौर पर अपराध से जुड़े एक गिरोह के खिलाफ है।
केंद्रीय एजेंसी ने पिछले महीने कोलकाता के बालीगंज इलाके में बिस्वास के घर पर छापा मारा था।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उसे सड़क, समुद्र और हवाई मार्ग से जुड़े किसी भी प्रस्थान बिंदु पर हिरासत में लिया जा सके और उसे देश छोड़ने से रोका जा सके।’’
इससे पहले ईडी ने स्थानीय कारोबारी जय एस कामदार को गिरफ्तार किया था। धन शोधन की जांच कोलकाता पुलिस द्वारा पोद्दार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है, जिसमें उस पर दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन में संलिप्तता का आरोप है।
ईडी ने नौ अप्रैल को एक बयान में आरोप लगाया कि पोद्दार समेत आरोपी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे और गिरोह के संचालन के जरिए अवैध रूप से धन जुटा रहे थे।
पोद्दार कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के एक मामले में भी पुलिस द्वारा वांछित है और फिलहाल फरार है।
ईडी ने पोद्दार को समन जारी किया है, लेकिन वह अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘शांतनु को पांच बार एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से लगातार असहयोग को देखते हुए, हमें संदेह है कि वह विदेश जाकर जांच से बचने की कोशिश कर सकते हैं।’’
केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसकी जांच के दौरान बिस्वास ने अपने खिलाफ जारी किए गए कई समन का पालन नहीं किया।
संयोगवश, केंद्रीय एजेंसी ने राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान बिस्वास के आवास पर छापेमारी की थी।
ईडी के अधिकारियों ने ‘सोना पप्पू’ नाम के एक व्यक्ति से जुड़े कथित जमीन कब्जा और जबरन वसूली मामले में कोलकाता के फर्न रोड स्थित उनके (बिस्वास के) आवास पर छापेमारी की थी।
सूत्रों के अनुसार, तलाशी के एक दिन बाद बिस्वास के दो बेटों, सायंतन और मनीष को एजेंसी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय में तलब किया गया था, लेकिन वे भी उपस्थित नहीं हुए।
भाषा संतोष पवनेश
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