ईडी ने अहमदाबाद के फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी में 10 लाख रुपये की ‘क्रिप्टोकरेंसी’ जब्त की
ईडी ने अहमदाबाद के फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी में 10 लाख रुपये की ‘क्रिप्टोकरेंसी’ जब्त की
नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने अहमदाबाद स्थित एक अवैध कॉल सेंटर के संचालकों के खिलाफ छापेमारी के बाद लगभग 10 लाख रुपये की ‘क्रिप्टोकरेंसी’ और 13.5 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कॉल सेंटर मुख्य रूप से अमेरिका में विदेशी नागरिकों के साथ ‘ठगी’ कर रहा था।
संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि चार फरवरी को शहर में छह परिसरों की तलाशी ली गई।
ईडी के अनुसार, कॉल सेंटर संचालकों ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के अधिकारी या निजी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर, ऋण बकाया, कर देनदारियों या कानूनी कार्रवाई के झूठे आरोप लगाकर पीड़ितों को डराया-धमकाया और उन्हें उपहार कार्ड खरीदने या डिजिटल भुगतान करने के लिए ‘मजबूर’ किया।
एजेंसी ने कहा कि इस तरह से उत्पन्न अवैध राशि मुख्य रूप से अमेज़ॅन गिफ्ट कार्ड के माध्यम से प्राप्त की गई थी और बाद में ‘पैक्सफुल’ जैसे ऑनलाइन मंचों और अन्य अवैध माध्यम से इसे ‘बिटकॉइन’ सहित ‘क्रिप्टोकरेंसी’ में परिवर्तित किया गया।
ईडी ने कहा कि इसमें विदेशी नागरिकों की मिलीभगत थी जिन्होंने ‘क्रिप्टोकरेंसी’ को बदलने और भुनाने में में मदद की।
एजेंसी के अनुसार, जांच में पाया गया कि अपराध से मिली रकम का केवल एक छोटा हिस्सा भारतीय बैंकों के जरिए गया, जबकि ज्यादातर पैसा नकद और ‘क्रिप्टोकरेंसी’ में रखा गया और इसमें हवाला ऑपरेटरों व स्थानीय काला बाजार की भी मदद ली गयी।
धनशोधन का यह मामला गुजरात पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ और सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़ा है। कॉल सेंटर मोहम्मद अंसारी उर्फ मोहम्मद इरफान अंसारी, आकिब गुलाम रसूल घांची, विकास निमार, दिव्यांग रावल, प्रदीप राठौड़ और उनके सहयोगियों द्वारा संचालित किया जा रहा था।
भाषा
नोमान अविनाश
अविनाश

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