नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को तीसरी से आठवीं कक्षा तक के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग’ पाठ्यक्रम की शुरुआत की।
मंत्री ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से औपचारिक रूप से स्कूली परिवेश में एआई शिक्षा की शुरुआत होगी।
प्रधान ने कहा, ‘‘इस पाठ्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। यह पहल औपचारिक रूप से स्कूलों के समग्र वातावरण में एआई शिक्षा की शुरुआत कराती है।’’
उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिये छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों से शुरुआती स्तर पर ही रूबरू कराया जा सकेगा, जो उनके लिए भविष्य की मजबूत नींव होगी।
प्रधान ने कहा कि ‘शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई’ की परिकल्पना के अनुरूप, यह बेहतर शिक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो युवा दिमागों में आलोचनात्मक सोच, डिजाइन अभिविन्यास और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देता है।
सीबीएसई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग’ के पाठ्यक्रम को विकसित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।
अब तक, सीबीएसई छठी कक्षा से आगे की कक्षाओं के लिए 15 घंटे के कौशल मॉड्यूल के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की पेशकश करता था। नौवीं कक्षा से 12वीं तक के छात्रों के लिए एआई एक वैकल्पिक कौशल विषय के रूप में भी उपलब्ध है।
भाषा शफीक रंजन
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