सिविल लाइंस के ‘मनहूस’ बंगले पर आपदा प्रबंधन विभाग का दफ्तर बनाने की योजना

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सिविल लाइंस के ‘मनहूस’ बंगले पर आपदा प्रबंधन विभाग का दफ्तर बनाने की योजना

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 10:41 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 10:41 PM IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार सिविल लाइंस इलाके में 33, शमनाथ मार्ग पर स्थित ब्रिटिश-काल के एक ‘मनहूस’ बंगले को गिराने पर विचार कर रही है, ताकि उसकी जगह राज्य आपदा प्रबंधन विभाग का कार्यालय बनाया जा सके। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि यह दो मंजिला बंगला पिछले कई वर्षों से खाली पड़ा हुआ है और इसे बेहद ‘मनहूस’ माना जाता है, जिसके चलते नेता और अधिकारी यहां आकर रहने से कतराते हैं।

33, शमनाथ मार्ग पर स्थित बंगले में एक समय में दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश रहा करते थे। वह 1952 में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद इस बंगले में रहने गए थे, लेकिन एक कथित घोटाले के चलते उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही 1955 में पद से इस्तीफा दे दिया था।

साल 1993 में मदन लाल खुराना के दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंगला उन्हें आवंटित किया गया था। हालांकि, वह बंगले में रहने नहीं गए। अलबत्ता, वहां से कार्यालय संचालित करने लगे। हालांकि, खुराना भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और उन्होंने 1996 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

साल 2013 में यह बंगला दिल्ली सरकार के तत्कालीन प्रधान सचिव (ऊर्जा) शक्ति सिन्हा को आवंटित किया गया था। लेकिन उन्होंने चार महीने के भीतर ही इसे छोड़ दिया।

दिल्ली सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री दीप चंद बंधु को यह बंगला आवंटित किया गया था, लेकिन 2003 में अपने कार्यकाल के दौरान ही उनका निधन हो गया।

बताया जाता है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी इस ‘मनहूस’ बंगले में रहने के बजाय मथुरा रोड पर स्थित एक कहीं ज्यादा छोटे बंगले में जाने को प्राथमिकता दी थी।

सूत्रों के अनुसार समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह के कार्यालय की एक टीम ने पिछले साल इसका निरीक्षण किया था, लेकिन मंत्री ने यहां स्थानांतरित होने से इंकार कर दिया।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश