शिमला, 15 अगस्त (भाषा) शिमला के कृष्णानगर इलाके में मंगलवार शाम हुए भूस्खलन में कम से कम आठ घर ढह गए और एक बूचड़खाना मलबे में दब गया।
अधिकारियों ने बताया कि मकानों के मलबे में दो लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक बड़े पेड़ के उखड़ने के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे बहुत तेज शोर के साथ घरों का एक समूह ढह गया।
शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कम से कम दो लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह कुछ घरों में दरारें आ गईं जिसके बाद अधिकतर लोगों ने घरों को खाली कर दिया था।
स्थानीय पार्षद बिट्टू पन्ना ने बताया कि बूचड़खाने के अंदर मौजूद कम से कम दो लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें घटनास्थल के आसपास के घरों के लोग चीखते-चिल्लाते हुए प्रभावित घर में मौजूद लोगों से वहां से चले जाने को कह रहे हैं।
वीडियो में लोगों के मदद के लिए पुकारने और बचाने के लिए भागने का दिलदहला देने वाले दृश्य दिख रहा है।
भूस्खलन की तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंची एक महिला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मेरे पति मलबे में फंसे हुए हैं।’’
बूचड़खाने के कर्मचारी आत्मा राम ने बताया कि उनके प्रबंधक के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
घटना के बाद कम से कम 15 परिवार बेघर हो गये हैं।
शिमला में सोमवार को भूस्खलन की दो घटनाएं हुईं। एक समर हिल में शिव मंदिर में और दूसरी फागली में। दोनों घटनाओं में 16 लोगों की जान चली गई थी।
हिमाचल प्रदेश में रविवार से भारी बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और बादल फटने के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई घर ढह गए।
भाषा खारी माधव
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