बंगाल के तारापीठ में होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत; एक व्यक्ति हिरासत में लिया गया

बंगाल के तारापीठ में होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत; एक व्यक्ति हिरासत में लिया गया

बंगाल के तारापीठ में होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत; एक व्यक्ति हिरासत में लिया गया
Modified Date: August 17, 2026 / 06:11 pm IST
Published Date: August 17, 2026 6:11 pm IST

(फोटो के साथ)

तारापीठ (पश्चिम बंगाल), 17 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार तड़के एक होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने होटल में आग बुझाने की उचित व्यवस्था न होने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के समय होटल में 43 लोग मौजूद थे, जिनमें से एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि 34 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

मंदिर नगरी तारापीठ में चार मंजिला होटल के भूतल पर तड़के करीब 4:30 बजे उस वक्त आग लगी, जिस समय ज्यादातर मेहमान सो रहे थे। इनमें कई श्रद्धालु थे, जो सावन महीने के आखिरी सोमवार को पूजा करने आए थे।

आग लगने के बाद घना धुआं पूरे भवन में फैलने के कारण कई मेहमान ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। इसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर भेजकर आग पर काबू पाया गया।

घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग झुलस गए, जबकि कुछ लोग दम घुटने के कारण बीमार हो गए।

होटल के अधिकारियों ने दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था के एक उपकरण में चिंगारी भड़कने के बाद होटल के ‘रिसेप्शन’ के पास आग शुरू हुई। आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। होटल के अंदर सजावट और फाइबर की सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया और कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए।

अधिकारियों ने बताया कि होटल में आग बुझाने वाले उपकरणों के रखरखाव में कथित लापरवाही के संबंध में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

इस घटना और आगामी कौशिकी अमावस्या पर्व के दौरान भारी भीड़ जुटने के मद्देनजर बीरभूम जिला प्रशासन ने तारापीठ के होटलों, लॉज और अन्य प्रतिष्ठानों में बिजली व्यवस्था और अग्निशमन व्यवस्था की विशेष जांच कराने की घोषणा की है।

प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे एवं अन्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त और सुरक्षित बिजली व्यवस्था तथा आग से बचाव एवं आग बुझाने की प्रभावी व्यवस्था हो।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “मैं तारापीठ में अचानक आग लगने की घटना से बेहद स्तब्ध हूं। मैं इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों को इस दुख से उबरने की शक्ति देने की कामना करती हूं। मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करती हूं।”

हादसे में बाल-बाल बची कोलकाता की एक महिला ने होटल के अंदर मची अफरा-तफरी को याद किया। उसने कहा, “अचानक पूरा होटल धुएं से भर गया। हम सांस नहीं ले पा रहे थे और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल था।” एक अन्य मेहमान तपनज्योति मंडल ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ करीब 45 मिनट तक अपने कमरे में फंसे रहे।

मंडल ने कहा, “आग के कारण हम दरवाजे से बाहर नहीं निकल सके। कमरे में कोई खिड़की नहीं थी, इसलिए वे बाथरूम की छत के पास बने एक रास्ते से बाहर निकले।”

घटना में मंडल की मां बेहोश हो गईं, जबकि उनकी बहन घायल हो गईं।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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