मेघालय में यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल होंगे: विधायक शिल्ला का दावा
मेघालय में यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल होंगे: विधायक शिल्ला का दावा
शिलांग, 16 सितंबर (भाषा) मेघालय में खलीहरियात क्षेत्र के विधायक कर्मेन शिल्ला ने बुधवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के आठ विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का फैसला किया है।
उन्होंने दावा किया कि शाह ने इन विधायकों की कोयला खनन और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
मेघालय की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में फिलहाल यूडीपी के 12 विधायक हैं, जिनमें से दो विधायक कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली ‘मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस’ (एमडीए) सरकार में मंत्री भी हैं।
पूर्व मंत्री रह चुके यूडीपी के वरिष्ठ नेता शिल्ला ने ब्यंदीहाटी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह दावा किया।
उन्होंने बताया कि यह फैसला शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ हुई बैठकों के बाद लिया गया है।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों की यह संख्या बढ़कर नौ भी हो सकती है।
शिल्ला के मुताबिक, अगर आठ विधायक भी भाजपा में शामिल होते हैं तो विधानसभा में उसकी संख्या दो से बढ़कर 10 हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि शाह ने विधायकों से अगले चार से पांच दिनों के भीतर भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। हालांकि, पार्टी बदलने से पहले उन्होंने अपनी मांगों पर ठोस आश्वासन की मांग की है।
शिल्ला के अनुसार, भाजपा ने भरोसा दिलाया गया है कि विधायकों के पार्टी में शामिल होते ही तुरंत एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो उनकी सभी मांगों को एक-एक कर पूरा करने के लिए कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा, “अगर भाजपा हमें दिए गए आश्वासनों से मुकरती है तो हम अगले ही दिन उसे छोड़ सकते हैं।’’
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा से जिन मुद्दों पर भरोसा मिला है, उनमें कोयला खनन से जुड़े मुद्दे, खासी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करना, मेघालय निवासी सुरक्षा और संरक्षा अधिनियम (एमआरएसएसए) को लागू करना और थैम इव मावलोंग से हरिजन कॉलोनी को दूसरी जगह स्थानांतरित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला यूडीपी या उसके अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह के प्रति किसी नाराजगी की वजह से नहीं लिया गया है।
भाषा
प्रचेता गोला
गोला

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