‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए बुजुर्ग महिला से 60 लाख रुपये की ठगी

‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए बुजुर्ग महिला से 60 लाख रुपये की ठगी

‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए बुजुर्ग महिला से 60 लाख रुपये की ठगी
Modified Date: September 21, 2026 / 10:26 pm IST
Published Date: September 21, 2026 10:26 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पश्चिम दिल्ली में रहने वाली 69 वर्षीय एक महिला को साइबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराया है, हालांकि वह उस समय तक ठगों के बैंक खाते में 60 लाख रुपये भेज चुकी थी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, ‘डिजिटल अरेस्ट’ के अन्य मामले में खातों की जांच के दौरान पुलिस को इस बुजुर्ग पीड़िता के बारे में जानकारी मिली और उसे सतर्क किया गया।

‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर धोखाधड़ी का एक ऐसा तरीका है जिसमें जालसाज कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे ऑनलाइन जांच या गिरफ्तारी के तहत हैं।

पुलिस ने बताया कि जनकपुरी में अकेली रहने वाली यह महिला पिछले पांच दिन से जालसाजों के संपर्क में थी, जिस दौरान उसने कथित तौर पर 60 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए थे।

उन्होंने बताया कि पुलिस की ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन्स’ (आईएफएसओ) की टीम को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के एक अलग मामले के धन के लेन-देन का विश्लेषण करते हुए उसका पता लगा। इस मामले में 20 सितंबर को कथित तौर पर 67.30 लाख रुपये ठग लिए गए थे।

विश्लेषण के दौरान, पुलिस ने कर्नाटक के नागोरी स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर एक बैंक में ‘म्यूल’ खाते (कश्मीन पर मिलने वाले खाते) की पहचान की।

पुलिस ने कहा कि इस खाते में आने वाले धन के आगे के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को एक अन्य बैंक में एक बचत खाते का पता चला, जो संदिग्ध ‘म्यूल’ खाते में पैसे भेज रहा था।

पुलिस ने कहा कि खाते के विवरण के आधार पर, टीम ने खाताधारक की पहचान एक वास्तविक नागरिक और साइबर धोखाधड़ी की संभावित पीड़िता के रूप में की। उसका निवास जनकपुरी में होने का पता चला।

टीम ने तुरंत महिला से संपर्क किया और उसे बेहद तनावपूर्ण स्थिति में पाया। उसने बताया कि वह अपनी एक बेटी के साथ अकेली रह रही है।

आईएफएसओ टीम ने जनकपुरी के थानेदार (एसएचओ) के साथ तालमेल बिठाया, जिसके बाद बीट पुलिसकर्मी को महिला के आवास पर भेजा गया। सहायता और भावनात्मक संबल प्रदान करने के लिए उसके परिवार के सदस्यों से भी संपर्क किया गया और उन्हें मौके पर बुलाया गया।

पुलिस ने कहा कि महिला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। ई-प्राथमिकी दर्ज करने सहित आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भाषा

नोमान नोमान सुभाष

सुभाष


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