चेन्नई, 16 मार्च (भाषा) तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने सोमवार को बताया कि निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों के वित्तीय लेनदेन पर कानून लागू करने वाली 23 एजेंसियों की मदद से करीबी निगरानी कर रहा है और बड़ी मात्रा में होने वाले ऑनलाइन लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी।
पटनायक ने कहा कि 15 मार्च से पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है और अब तक अधिकारियों ने कुल 1.26 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और सामान जब्त किए हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम कानून लागू करने वाली 23 एजेंसियों की मदद से डिजिटल वॉलेट और यूपीआई आधारित भुगतान के जरिये होने वाले बड़े लेन-देन पर नजर रख रहे हैं।”
अर्चना पटनायक ने बताया कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रोजमर्रा के लेनदेन के लिए नकदी लेकर चलने वाले छोटे व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 30 मार्च को राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी। उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अप्रैल है।
सात अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है।
उन्होंने बताया कि मतदान 23 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।
उन्होंने बताया कि 30 मार्च से छह अप्रैल तक सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं।
आधिकारिक समय-सीमा के अनुसार, पूरी चुनाव प्रक्रिया छह मई तक पूरी हो जाएगी।
निर्वाचन आयोग के आचार संहिता में होने वाले उल्लंघनों का पता लगाने के लिए 2,106 ‘उड़न दस्ते’ और इतनी ही संख्या में ‘स्टैटिक सर्विलांस’ टीम सक्रिय रूप से तैनात की हैं।
एक प्रश्न के उत्तर में, पटनायक ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) द्वारा निर्मित वीडियो की भी निगरानी की जाएगी।
चुनाव प्रचार सुबह छह बजे से रात 10 बजे के बीच किया जा सकता है और पांच हजार से अधिक लोगों की भागीदारी वाली राजनीतिक सभाओं के लिए अनुमति लेनी होगी।
पटनायक ने बताया कि चुनाव संबंधी कार्यों में अधिकारियों की सहायता के लिए अर्धसैनिक बलों की 50 कंपनियां पहले ही पहुंच चुकी हैं।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप