कोलकाता/नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक इतिहास में अभूतपूर्व कदम उठाते हुए निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के शीर्ष नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों को हटा दिया, जिनमें मुख्य सचिव और डीजीपी भी शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा रविवार को होने के कुछ घंटों बाद ही फेरबदल का फैसला लिया गया।
रविवार देर शाम जारी आयोग के पहले आदेश के तहत राज्य के दो शीर्ष नौकरशाह मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को हटा दिया गया। इसके बाद 16 मार्च के एक अन्य आदेश में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार को भी पद से हटा दिया गया। वे बंगाल में चुनाव से पहले बदले गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के चार शीर्ष अधिकारियों में शामिल हैं।
आयोग ने 1993 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी और राज्य के उत्तर बंगाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया।
आयोग ने 1997 बैच की आईएएस अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव संघमित्रा घोष को पश्चिम बंगाल का गृह सचिव नियुक्त करने का आदेश दिया।
आयोग ने 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया और अजय कुमार नंद (आईपीएस-1996) को कोलकाता पुलिस का नया आयुक्त बनाया। नंद इस पदस्थापना से पहले अपर महानिदेशक (एडीजी) (काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स) के पद पर कार्यरत थे।
आयोग ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) विनीत गोयल के स्थान पर अजय मुकुंद रानाडे (आईपीएस-1995) को नियुक्त किया और तबादलों से पहले इस पद पर आसीन सिद्ध नाथ गुप्ता के स्थान पर 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नटराजन रमेश बाबू को महानिदेशक (कारागार सेवाएं) के रूप में नियुक्त किया।
आयोग ने कहा कि उसके निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना है और सोमवार को दोपहर 3 बजे तक सभी अधिकारियों के अपने-अपने कार्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट मांगी है।
आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है, ‘…स्थानांतरित अधिकारियों को चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।’
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को अपने संवाददाता सम्मेलन में आश्वासन दिया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हिंसामुक्त और शांतिपूर्ण होंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त शामिल हैं, का तबादला किया है।’
भाषा आशीष नरेश
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