असम के काजीरंगा के पास गड्ढे में फंसा हाथी का बच्चा बचाया गया

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असम के काजीरंगा के पास गड्ढे में फंसा हाथी का बच्चा बचाया गया

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 01:43 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 01:43 PM IST

गुवाहाटी, 11 सितंबर (भाषा) असम के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को कहा कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास एक चाय बागान में कीचड़ से भरे गड्ढे में फंसे हाथी के एक बच्चे को बचा लिया गया है। वर्तमान में उसका वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र (सीडब्ल्यूआरसी) में इलाज किया जा रहा है।

मंत्री के अनुसार, हाथी का बच्चा चार से छह सप्ताह का है। वह बुधवार को सेकनी टी एस्टेट में गड्ढे में फंस गया था।

उन्होंने बताया कि हाथियों के जिस झुंड का वह हिस्सा था उसने उसे बाहर निकालने की कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहे।

बरुआ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘जब झुंड थके-हारे हाथी के बच्चे को बाहर नहीं निकाल पाया तो चाय बागान के सतर्क कामगारों और ग्रामीणों ने तुरंत वन्यजीव अधिकारियों को इसकी सूचना दी जिससे एक समन्वित बचाव अभियान संभव हो पाया।’

उन्होंने बताया कि वन्यजीव पशु चिकित्सक भास्कर चौधरी के नेतृत्व में सीडब्ल्यूआरसी की एक टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची और हाथी के बच्चे को सुरक्षित गड्ढे से बाहर निकाला और तुरंत निकटतम बीट कार्यालय ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सा कर्मियों ने उसे आपातकालीन उपचार और तरल पदार्थ दिए।

बरुआ ने कहा, ‘‘हमारी पहली प्राथमिकता यह थी कि बच्चे को उसके झुंड में वापस लौटने का हर संभव अवसर दिया जाए। वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने पूरे दिन स्थिति पर नजर रखी और झुंड के लौटने का इंतजार किया, ताकि बच्चे को उसके परिवार से मिलाया जा सके।’’

उन्होंने बताया कि झुंड के वापस नहीं आने पर बच्चे को विशेष पुनर्वास और चौबीसों घंटे देखभाल के लिए सीडब्ल्यूआरसी में स्थानांतरित कर दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘यह अब केंद्र में अन्य हाथियों के साथ रह रहा है जिनका पुनर्वास किया गया है और इलाज किया जा रहा है।’’

मंत्री ने कहा कि यह बचाव स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव