पंजाब में ‘आम आदमी क्लिनिक’ के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए

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पंजाब में 'आम आदमी क्लिनिक' के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 05:16 PM IST

होशियारपुर, 27 जुलाई (भाषा) पंजाब के ‘आम आदमी क्लिनिकों’ में कार्यरत डॉक्टर, फार्मासिस्ट और क्लिनिकल सहायकों ने पक्की नौकरी सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इसके तहत कर्मचारियों ने राज्य भर में सेवाएं बंद रखीं और विरोध-प्रदर्शन किया।

‘आम आदमी क्लिनिक संयुक्त मोर्चा, पंजाब’ की अगुवाई में राज्य में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य में 1,000 से अधिक ‘आम आदमी क्लिनिक’ स्थापित किए हैं, जहां मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जांच की सुविधा दी जाती है।

होशियारपुर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरशान और क्लिनिकल सहायक गुरप्रीत कौर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के साथ कई दौर की बैठकें करने और बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी मांगों को हल करने के लिए सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने सभी 23 जिलों के सिविल सर्जन, स्वास्थ्य सेवा निदेशक और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को कई बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें अनुबंध व्यवस्था के तहत काम पर रखा गया है, जिससे उनके साथ दैनिक वेतनभोगियों जैसा व्यवहार हो रहा है। उन्हें केवल उन्हीं दिनों का वेतन मिलता है जिन दिनों में वे काम करते हैं, जबकि रविवार या राष्ट्रीय छुट्टियों का कोई भुगतान नहीं किया जाता। इसके अलावा, उन्हें कोई आकस्मिक या चिकित्सीय अवकाश पाने का अधिकार नहीं है।

उनका दावा है कि ली गई किसी भी छुट्टी का वेतन काट लिया जाता है और कर्मचारियों को तीन दिनों के भीतर काम पर लौटना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं।

संयुक्त मोर्चे ने अनुबंध प्रणाली को समाप्त कर ‘आम आदमी क्लिनिकों’ के सभी कर्मचारियों को पंजाब स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) के तहत नियमित नियुक्तियां देने की मुख्य मांग की है। इसके अलावा, कर्मचारियों ने मरीज आधारित प्रोत्साहन राशि, छुट्टी की सुविधा और अन्य भत्तों से जुड़ी कई मांगें भी सरकार के समक्ष रखी हैं।

भाषा सुमित रंजन

रंजन