मप्र के महाधिवक्ता नियुक्तियों में वंचित समुदायों के वकीलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें: न्यायालय

मप्र के महाधिवक्ता नियुक्तियों में वंचित समुदायों के वकीलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें: न्यायालय

मप्र के महाधिवक्ता नियुक्तियों में वंचित समुदायों के वकीलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें: न्यायालय
Modified Date: February 10, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: February 10, 2026 9:24 pm IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह नियुक्तियों में हाशिये पर पड़े समुदायों से जुड़े वकीलों और महिला अधिवक्ताओं का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें।

न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ हाल ही में हुई नियुक्तियों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के अधिवक्ताओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व के अभाव के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने कहा, “महाधिवक्ता कार्यालय, सरकारी वकीलों के कार्यालयों और आरक्षण के नियम का पालन करने वाले कुछ अन्य कार्यालयों में समायोजित करने के लिए वैधानिक आदेश के अभाव में, हम केवल यह सुझाव देंगे कि इसमें कुछ ऐसा तत्व होना चाहिए… ताकि प्रत्येक इच्छुक वकील को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।”

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में