सरकारी विद्यालयों की बदहाली छिपाने के लिए प्रवेश और फोटोग्राफी पर रोक लगाई गई: जूली

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सरकारी विद्यालयों की बदहाली छिपाने के लिए प्रवेश और फोटोग्राफी पर रोक लगाई गई: जूली

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  • Publish Date - August 23, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - August 23, 2026 / 06:23 PM IST

जयपुर, 23 अगस्त (भाषा) राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को राज्य सरकार पर सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय परिसरों में प्रवेश और फोटोग्राफी पर रोक लगाई जा रही है।

जूली ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करते हुए कौशल विकास पर अधिक जोर देने की बात कही।

जयपुर के एक सरकारी विद्यालय के अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए जूली ने कहा कि छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपने विद्यालय की समस्याओं को उजागर किया था, जिसके बाद उन्होंने विद्यालय का दौरा किया।

जूली ने कहा, ‘‘वहां जाने के बाद मुझे आश्वासन दिया गया था कि 15 दिन में समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। जब मैं 15 दिन बाद दोबारा वहां पहुंचा तो बाहर एक नया आदेश लगा हुआ था, जिसके तहत लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालयों की स्थिति सार्वजनिक होने से रोकने के लिए ये पाबंदियां लगाई गई हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की जरूरत है और रोजगार के अवसर पैदा किए बिना केवल डिग्री देना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि 26 प्रतिशत स्नातक बेरोजगार हैं और बेरोजगारी के आंकड़े तैयार करने के लिए अपनाई जाने वाली पद्धति पर सवाल उठाया।

जूली ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी बढ़ी है और सरकार इस समस्या का पर्याप्त समाधान करने में विफल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करना होगा। शिक्षा के साथ-साथ हमें कौशल पर भी ध्यान देना होगा। तभी हम इस चुनौती से पार पा सकेंगे।’’

भाषा बाकोलिया जोहेब

जोहेब