घुड़सवारी टीम चयन: शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले में दखल से किया इनकार
घुड़सवारी टीम चयन: शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले में दखल से किया इनकार
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की ‘ड्रेसाज’ टीम में घुड़सवार अनुष अग्रवाल और सुदीप्ति हाजेला को शामिल न करने के फैसले में दखल देने से दिल्ली उच्च न्यायालय के इनकार करने को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने घुड़सवारों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया और कहा कि न्यायालय व्यक्तिगत खेलों के मामलों में दखल देने से बहुत हिचकिचाती है।
दोनों राइडर्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह से पीठ ने कहा, “यह अदालत खेलों के मामलों में बार-बार दखल देने से बचेगी। हम सिर्फ संस्थागत मुद्दों के मामले में ही ऐसा कर सकते हैं… आखिरी तारीखों पर आने वाले लोगों की स्थिति और खराब होती जा रही है…।”
सिंह ने कहा कि दोनों घुड़सवारों के पक्ष में खंडपीठ का आदेश है, लेकिन घुड़सवारी महासंघ ने सरकार के उस सुझाव का विरोध किया जिसमें कहा गया था कि भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण उनका मूल्यांकन करेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें प्रतीक्षासूची में रखा गया है और तय प्रक्रिया के अनुसार उन पर विचार किया जाना चाहिए।
पीठ ने कहा कि उसे अलग-अलग मामलों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अगर वकील किसी संस्थागत मुद्दे पर मदद करना चाहते हैं, तो अदालत उसे स्वीकार करेगी।
एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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