मप्र के डीजीपी 2023 के सलमान खान हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करें : न्यायालय

मप्र के डीजीपी 2023 के सलमान खान हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करें : न्यायालय

मप्र के डीजीपी 2023 के सलमान खान हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करें : न्यायालय
Modified Date: July 13, 2026 / 06:56 pm IST
Published Date: July 13, 2026 6:56 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 2023 में सलमान खान नामक व्यक्ति की हुई हत्या की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया।

आरोप है कि राज्य चुनावों के दौरान राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के कहने पर एक कार से कुचलकर खान की हत्या कर दी गई थी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मृतक की पत्नी राजिया अली का पक्ष रखने के लिए पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद यह निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि ‘‘न्याय और निष्पक्षता के हित में’’ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच आवश्यक है।

सलमान खान 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक कांग्रेस उम्मीदवार के चालक के तौर पर काम कर रहा था।

पीठ ने कहा, ‘‘आरोपों की प्रकृति को देखते हुए, हमें लगता है कि न्याय और निष्पक्षता के हित में, संबंधित प्राथमिकी की जांच एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) से कराई जानी चाहिए।’’

न्यायालय ने मध्यप्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि वे दो दिन के भीतर एक एसआईटी गठित करें, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) स्तर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारी हों और और दो अन्य अधिकारी हों जो पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) व निरीक्षक स्तर के नीचे के नीचे के पद के न हों।

पीठ ने कहा कि एसआईटी के सभी सदस्य छतरपुर जिले के पुलिस अधिकार क्षेत्र से बाहर के होंगे और इसकी कमान मध्य प्रदेश में तैनात ऐसे आईपीएस अधिकारी के हाथों में होगी जो मूल रूप से इस राज्य के रहने वाले नहीं हैं।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि एसआईटी संबंधित जांच अधिकारी से पूरा रिकॉर्ड अपने हाथ में ले और पिछली जांच से प्रभावित हुए बिना, स्वतंत्र रूप से जांच की दिशा तय करे।

पीठ ने विशेष तौर पर निर्देश दिया कि सक्षम स्थानीय अदालत में अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने से पहले चश्मदीद गवाहों के हलफनामे और बयान दर्ज किए जाएं और उन पर उचित रूप से विचार किया जाए।

न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाए। हालांकि, उसने यह स्पष्ट किया कि वह आरोपों की सच्चाई या गुण-दोष पर कोई राय नहीं दे रहा है।

रजिया अली ने अपनी याचिका में जांच को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। उनकी दलील थी कि कथित राजनीतिक दखल की वजह से जांच ‘‘प्रभावित’’ हुई है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के चालक सलमान खान की हत्या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा विधायक अरविंद पटेरिया से जुड़े लोगों ने की थी।

भूषण ने बताया कि मामले में 17 नवंबर, 2023 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अब तक जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरन एसवी राजू ने पक्षपात के आरोपों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जांच पूरी होने वाली है और यह निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी भेदभाव के की गई है।

भाषा धीरज वैभव

वैभव


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