समाज में महिलाओं के स्थान के बारे में सही धारणा स्थापित करें : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख

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समाज में महिलाओं के स्थान के बारे में सही धारणा स्थापित करें : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 06:44 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) भारतीय समाज में महिलाओं के स्थान के बारे में एक “सही दृष्टिकोण” स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख वी. शांता कुमारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को बहुत महत्व दिया गया है, लेकिन कुछ लोग कुछ धार्मिक ग्रंथों का उपयोग करके यह जताते हैं कि देश में उनका शोषण होता है।

विज्ञान भवन में महिला विचारकों के दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कुमारी ने कहा कि भारत में महिलाएं अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

समिति प्रमुख ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को बहुत महत्व दिया गया है। स्त्री समाज की आधारशिला और एक सशक्त शक्ति है। इसलिए, ‘नारी’ से वह ‘नारायणी’ में रूपांतरित हो सकती है।”

उन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति में महिलाओं के स्थान के बारे में सही दृष्टिकोण स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, ‘‘फिर भी कुछ लोग कुछ धर्मग्रंथों और मनु जैसे कुछ व्यक्तियों के नामों का हवाला देते हुए यह चर्चा छेड़ देते हैं कि यहां शोषण हो रहा है।’’

“भारती – नारी से नारायणी” नामक सम्मेलन का आयोजन भारतीय विद्वत परिषद द्वारा राष्ट्र सेविका समिति और शरण्या के सहयोग से यहां विज्ञान भवन में किया जा रहा है। वर्ष 1936 में स्थापित राष्ट्र सेविका समिति, पुरुषों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समानांतर एक महिला संगठन के रूप में कार्य करती है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उद्घाटन सत्र में भाषण दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी के पदों पर आसीन सक्षम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहायता और अवसर प्रदान करके अन्य महिलाओं की मदद करनी चाहिए।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश