झारखंड में भाजपा के सत्ता में लौटने पर आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा: हेमंत सोरेन

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झारखंड में भाजपा के सत्ता में लौटने पर आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा: हेमंत सोरेन

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  • Publish Date - January 23, 2023 / 10:10 PM IST,
    Updated On - January 23, 2023 / 10:10 PM IST

रांची, 23 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को दावा किया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में लौटने पर आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

खतियानी जोहार यात्रा के तहत सिमडेगा में एक रैली को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि भाजपा ने गुजरात और महाराष्ट्र को विकास के पथ पर बढ़ाया, लेकिन झारखंड के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर दिया।

इस कार्यक्रम का आयोजन राज्य में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

सोरेन ने कहा, ‘‘यदि भाजपा किसी तरह से सत्ता में लौटने में सफल रहती है तो मूल निवासी और आदिवासी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकेंगे क्योंकि उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मैं आपको (लोगों को) आगाह करना चाहता हूं कि वह (भाजपा) अब गांवों में अब अपनी पकड़ मजबूत करेगी।’’

लोकसभा चुनाव और झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में साथ-साथ होने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में भाजपा ने अलग झारखंड राज्य के गठन की लड़ाई की खिल्ली उड़ाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह चाहती है कि आदिवासी और स्थानीय लोग अपनी अस्मिता के लिए संघर्ष करते रहें।’’

सोरेन ने यह भी कहा कि 1932 के खतियान (भूमि रिकॉर्ड) पर आधारित मूल निवास नीति उनकी सरकार लोगों के अधिकारों के संरक्षण के लिए लेकर आई। उन्होंने इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।

उन्होंने नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनकी सरकार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं गरीबों, आदिवासियों और वंचितों का नेता हूं, व्यापारियों का नेता नहीं।’’

भाषा सुभाष नेत्रपाल

नेत्रपाल