कोल इंडिया ने लौह अयस्क खनन में रखा कदम, ओडिशा में मिला एक ब्लॉक

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कोल इंडिया ने लौह अयस्क खनन में रखा कदम, ओडिशा में मिला एक ब्लॉक

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 06:46 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह ओडिशा के गदाधरपुर लौह अयस्क ब्लॉक के लिए तरजीही बोलीदाता बनकर उभरी है। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी ने लौह अयस्क खनन क्षेत्र में भी कदम रख दिया है।

सीआईएल मुख्य रूप से कोयले के खनन एवं उत्पादन में सक्रिय है और देश में कोयले के घरेलू उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है।

कोल इंडिया का अब लौह अयस्क खनन में उतरने का कदम दीर्घकालिक ऊर्जा बदलाव के बीच कंपनी की व्यापक विविधीकरण योजना का संकेत माना जा रहा है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसे यह खनन पट्टा प्रेषित खनिज के मूल्य के 114.05 प्रतिशत नीलामी प्रीमियम पर प्रदान किया गया है। सीआईएल को यह ब्लॉक ओडिशा सरकार ने आवंटित किया है।

गदाधरपुर ब्लॉक जी-3 अन्वेषण चरण में है, जहां कुल अयस्क संसाधन लगभग 28.8 करोड़ टन आंका गया है। जी-3 चरण वह प्रारंभिक अन्वेषण में सर्वेक्षण के आधार पर चिन्हित क्षेत्रों में विस्तृत नमूने, मानचित्रण और खुदाई के जरिये खनिज भंडार का आकलन किया जाता है।

नीलामी की शर्तों के मुताबिक, कोल इंडिया को सफल बोलीदाता घोषित होने के लिए एक वर्ष में औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, जबकि खनन पट्टा समझौते को अंजाम देने के लिए तीन वर्ष तक का समय मिलेगा।

लौह अयस्क खनन में सीआईएल का प्रवेश सरकार की उस रणनीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य इस्पात क्षेत्र के लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।

चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा इस्पात उत्पादक भारत वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लौह अयस्क उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि जरूरी होगी।

सीआईएल ने चालू वित्त वर्ष में 81.5 करोड़ टन कोयला उत्पादन और 85 करोड़ टन आपूर्ति का लक्ष्य रखा है। जुलाई में कंपनी का उत्पादन 8.4 प्रतिशत बढ़कर 5.03 करोड़ टन रहा।

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में कंपनी की कुल कोयला आपूर्ति 6.9 प्रतिशत बढ़कर 26.20 करोड़ टन हो गई, जो इस अवधि का अब तक का सर्वाधिक स्तर है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय