SC denies Asaram Interim Bail: रेप के दोषी आसाराम को सुप्रीम का बड़ा झटका.. की थी इस बात की गुजारिश, अदालत ने किया साफ इंकार.. लेकिन दिया ये विकल्प

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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत पर फैसला टाला, स्वास्थ्य बिगड़ने पर दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति दी।

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 04:47 PM IST

Supreme Court denies Asaram interim bail || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • आसाराम को अंतरिम जमानत नहीं मिली।
  • स्वास्थ्य बिगड़ने पर दोबारा याचिका संभव।
  • AIIMS रिपोर्ट कोर्ट में पेश हुई।

नई दिल्ली: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है। दरअसल आसारम ने अंतरिम जमानत माँगी थी, जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया। (Supreme Court denies Asaram interim bail) अदालत ने सेहत के आधार पर दाखिल उनकी याचिका पर अंतिम फैसला फिलहाल टाल दिया है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यदि उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ती है तो वे दोबारा अदालत का रुख कर सकते हैं।

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स्वास्थ्य के आधार पर मांगी थी अंतरिम जमानत

जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम ने अदालत से यह बात छिपाई कि उनके वकील पहले पैरोल के लिए भी आवेदन कर चुके हैं। इस पर आसाराम की ओर से कहा गया कि पैरोल की अर्जी पहले दी गई थी और वह स्वास्थ्य कारणों के आधार पर नहीं थी।

AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट में क्या कहा गया?

सुप्रीम कोर्ट को पहले बताया गया था कि AIIMS के मेडिकल बोर्ड के अनुसार आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी और मेडिकल सहायता की आवश्यकता है। (Supreme Court denies Asaram interim bail) इससे पहले 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS को मेडिकल बोर्ड बनाकर आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट ने बरकरार रखी है उम्रकैद की सजा

राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को 2013 में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हालांकि सामूहिक दुष्कर्म और कुछ अन्य धाराओं से उन्हें रिहा कर दिया गया था।

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हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(F) के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के अपराध में उम्रकैद की सजा कायम रखी। इसके अलावा गलत तरीके से बंधक बनाने, मानव तस्करी, आपराधिक धमकी, महिला की गरिमा का अपमान, यौन उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की अन्य धाराओं में भी दोषसिद्धि बरकरार रखी गई। (Supreme Court denies Asaram interim bail) गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2018 को ट्रायल कोर्ट ने आसाराम को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के यौन शोषण का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की याचिका पर क्या फैसला दिया?

उत्तर: अदालत ने अंतरिम जमानत टाली, स्वास्थ्य बिगड़ने पर नई याचिका की अनुमति दी।

प्रश्न: AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट में क्या कहा गया?

उत्तर: भर्ती जरूरी नहीं, लेकिन 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी और मेडिकल सहायता आवश्यक बताई गई।

प्रश्न: आसाराम किस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं?

उत्तर: 2013 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा मिली है।