नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने के मामले में कांग्रेस के निष्कासित विधायक राहुल ममकूटथिल को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
पीड़िता द्वारा दायर याचिका में केरल उच्च न्यायालय के 12 फरवरी के आदेश को चुनौती दी गई है।
उच्च न्यायालय ने ममकूटथिल को अग्रिम जमानत देते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असमर्थ रहा कि आरोपी की हिरासत में पूछताछ आवश्यक थी।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने पलक्कड़ से विधायक राहुल को जमानत देते हुए कहा था कि मामले में शिकायतकर्ता का आचरण ‘प्रथम दृष्टया उसके और ममकूटथिल के बीच सहमति से यौन संबंध होने का संकेत देता है’ लेकिन इस पर अंतिम निर्णय मुकदमे के दौरान ही होगा।
अदालत ने कहा था कि यह मानना ‘मुश्किल है’ कि शिकायतकर्ता जो एक विवाहित व परिपक्व महिला है, यौन संबंध बनाने की इच्छा बिना विधायक को अपने अपार्टमेंट में बुलाया और बाद में उसके साथ रहने के लिए पलक्कड़ भी गयी। विधायक को आगे निर्देश दिया गया कि वह शिकायतकर्ता या अभियोजन पक्ष के किसी अन्य गवाह से संपर्क न करें, सबूतों से छेड़छाड़ न करें, अधीनस्थ न्यायालय की अनुमति के बिना केरल न छोड़ें और अपना पासपोर्ट जमा कराएं।
तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय ने विधायक को इस मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था।
ममकूटथिल को छह दिसंबर, 2025 को इस मामले में राहत मिली थी।
भाषा जितेंद्र माधव
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