(तस्वीरों के साथ)
चंडीगढ़, छह मई (भाषा) पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि अमृतसर के खासा में सेना छावनी की चाहरदीवारी के पास हुआ विस्फोट कम तीव्रता वाला था।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट मंगलवार रात को हुआ और इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने बताया कि किसी भी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि चूंकि आज ऑपरेशन सिंदूर का एक वर्ष पूरा हुआ है, इसलिए यह पंजाब में अशांति फैलाने की पाकिस्तान की आईएसआई की साजिश का हिस्सा है। पंजाब राष्ट्र की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ परोक्ष युद्ध लड़ रहा है।’’
आईएसआई पर झूठा विमर्श गढ़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कुछ तत्व पंजाब में माहौल बिगाड़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ तत्व पंजाब को अशांत राज्य के रूप में पेश करना चाहते हैं। पंजाब देश का सबसे शांतिपूर्ण राज्य है और यहां कोई अशांति नहीं है। मुट्ठी भर तत्व पाकिस्तानी आईएसआई के इशारे पर पंजाब में अशांति फैलाना चाहते हैं। हम ऐसे तत्वों को कुचल देंगे और उन्हें सिर उठाने का मौका नहीं देंगे।’’
मंगलवार रात को सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए दो सिलसिलेवार विस्फोटों ने पंजाब को दहला दिया, जिससे दहशत फैल गई । विपक्षी दलों ने इसकी निंदा करते हुए इसे राज्य को ‘अस्थिर’ करने का प्रयास बताया।
पहला विस्फोट जालंधर में सीमा सुरक्षा बल के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर रात करीब आठ बजे हुआ, जबकि दूसरा धमाका अमृतसर में रात करीब 11 बजे हुआ। दोनों घटनाओं की जांच चल रही है।
सेना के अधिकारियों और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद यादव ने पत्रकारों से कहा कि उसमें सुरक्षा संबंधी आम चिंताओं की समीक्षा की गई और निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि अमृतसर पुलिस आयुक्त कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई।
डीजीपी के अनुसार, विस्फोट की सटीक प्रकृति और उसमें इस्तेमाल किए गए उपकरण का पता फॉरेंसिक जांच के बाद ही चलेगा।
जालंधर विस्फोट के संबंध में, डीजीपी ने कहा कि खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (केएलएफ) ने इसकी जिम्मेदारी ली है और ‘‘हम इस दावे की पुष्टि कर रहे हैं।’’
अमृतसर विस्फोट मामले में, अभी तक किसी ने भी विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, डीजीपी ने बताया कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
डीजीपी ने बताया कि विस्फोट स्थल पर एक आईईडी के टुकड़े मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह या तो टाइम बम से किया गया विस्फोट था या रिमोट कंट्रोल से विस्फोट किया गया था। उन्होंने बताया कि जांचकर्ता सुरागों, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं और फोन रिकॉर्ड का विश्लेषण भी कर रहे हैं।
अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) समेत पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विस्फोट स्थल पर पहुंचे। पंजाब पुलिस और बीएसएफ के बम निरोधक दस्ते ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्षेत्र को अपने घेरे में ले लिया और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए नमूने एकत्र किए।
डीजीपी ने बताया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा सेना एवं अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘कई टीम इस मामले पर काम कर रही हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम मेधा, तकनीकी संसाधनों और फॉरेंसिक इनपुट का उपयोग कर रही हैं कि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाए।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या केंद्रीय एजेंसियों ने ऐसी कोई जानकारी दी है जिससे यह संकेत मिलता हो कि शत्रु ताकतें ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के दौरान हमला कर सकती हैं, तो डीजीपी ने जवाब दिया, ‘‘हम एक तरह के परोक्ष युद्ध में जी रहे हैं। सूचनाएं लगातार आती रहती हैं और हम उन पर कार्रवाई करते हैं। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और राष्ट्र का युद्ध लड़ रहा है, जैसा कि मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं।’’
जालंधर और अमृतसर की घटनाओं के बीच संभावित संबंध के बारे में डीजीपी ने कहा कि अभी तक कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अनुमान लगाए जा सकते हैं।
एक सवाल के जवाब में, पुलिस महानिदेशक ने केएलएफ को एक अस्तित्वहीन संगठन करार देते उसे ‘आईएसआई का चमचा’ कहा और युवाओं से ऐसे तत्वों से प्रभावित न होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि थानों को निशाना बनाकर किए गए ग्रेनेड हमलों सहित सभी पिछली घटनाओं का समाधान हो चुका है।
इससे पहले अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहैल मीर कासिम ने कहा था, ‘‘हमें रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि खासा में एक सड़क पर तेज आवाज सुनाई दी है, इसके बाद हमारी टीम तुरंत वहां पहुंचीं।’’
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और विश्लेषण से पता चला है कि कोई व्यक्ति यहां आया और उसने चारदीवारी की ओर कुछ फेंका जिससे विस्फोट हो गया।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के परिणामस्वरूप चारदीवारी पर लगी टिन की चादर का एक टुकड़ा गिर गया।
विस्फोट के बाद, फोरेंसिक और बम निरोधक दस्ते की एक टीम ने नमूने एकत्र करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
अमृतसर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आदित्य एस वारियर ने घटनास्थल का दौरा भी किया और पुष्टि की कि जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि सेना के अधिकारियों की एक टीम ने भी स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद इलाके को घेर लिया गया।
जालंधर की घटना में विस्फोट से एक स्कूटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, ट्रैफिक सिग्नल का एक खंभा टूट गया और पास की एक दुकान के शीशे भी टूट गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंजाब फ्रंटियर स्थित बीएसएफ मुख्यालय के बाहर खड़े स्कूटर में तेज आवाज के तुरंत बाद आग लग गई। यह स्कूटर गुरप्रीत सिंह का था जो इलाके में नियमित रूप से पार्सल पहुंचाने का काम करते हैं।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश