करीमनगर, छह मई (भाषा) तेलंगाना के मंचरियाल जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में ‘टिन शेड’ (टिन की छत) और जर्जर ढांचों के गिरने से चार किसानों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात लक्सेट्टीपेट मंडल के दो गांवों में ये घटनाएं तब हुईं, जब भारी बारिश और आंधी के बाद कुछ किसानों ने वहां शरण ले रखी थी।
इन मौतों को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्षी दलों–भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने आरोप लगाया कि किसानों की मौत अपनी उपज की खरीद का इंतजार करते हुए हुई।
अधिकारियों के अनुसार, कोथुरु गांव में एक ‘टिन शेड’ के गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
पुलिस और जिला अधिकारियों ने बताया कि गम्पालापल्ली गांव में एक अन्य घटना में एक और ढांचे के गिरने से दो और लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना में घायल तीन लोगों को इलाज के लिए करीमनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण ये ढांचे गिर गए।
किसानों की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने मृतकों के परिवारों के लिए 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए उन्नत चिकित्सा उपचार की मांग की।
खरीद प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाते हुए राव ने दावा किया कि तीन दिनों में खरीद केंद्रों पर सात किसानों की मौत हो गई।
एक बयान में राव ने कहा, ‘‘ये मौतें सरकार द्वारा की गई हत्याएं हैं।’’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने कहा कि अनाज खरीद केंद्रों पर हुई ये मौतें कांग्रेस सरकार की ‘अक्षमता’ का नतीजा हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों को खरीद केंद्रों पर हफ्तों तक इंतजार करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), मजदूरी और परिवहन लागत समेत पूरा वित्तीय बोझ उठाती है।
भाजपा नेता ने मांग की कि सरकार मृत किसानों के परिवारों को तत्काल पर्याप्त अनुग्रह राशि प्रदान करे।
भाषा राजकुमार पारुल
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