कन्नूर (केरल), 26 जुलाई (भाषा) पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता पी. के. श्रीमथी द्वारा एक पूर्व विधायक के नाम पर पारिवारिक पेंशन लेने के आरोपों के संबंध में उनकी शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
कन्नूर ग्रामीण साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और मानहानि से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, श्रीमथी के बयान के आधार पर शनिवार रात मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में छह आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें कुछ ऑनलाइन समाचार पोर्टल, एक मलयालम टीवी चैनल और कन्नूर से प्रकाशित एक स्थानीय समाचार पत्र शामिल हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ ऑनलाइन समाचार पोर्टल ने कथित आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि पी.के. श्रीमथी पूर्व विधायक पी.आर. कृष्णन के नाम पर पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रही हैं।
हालांकि, पी.आर. कृष्णन के परिवार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि पेंशन की वास्तविक लाभार्थी उनकी विधवा पत्नी हैं, जिनका नाम भी पी.के. श्रीमथी है। परिवार ने कहा कि दोनों महिलाओं का नाम एक जैसा होने के कारण यह गलतफहमी पैदा हुई।
पी.आर. कृष्णन कांग्रेस के नेता थे और 1954 से 1956 के बीच त्रावणकोर-कोचीन विधानसभा के सदस्य रहे थे।
इस घटना के बाद पी.के. श्रीमथी ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और राज्य के पुलिस प्रमुख से शिकायत की।
उन्होंने यह भी कहा कि झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ वे कानूनी नोटिस जारी करेंगी।
पी.के. श्रीमथी इस विवाद से हुई मानसिक पीड़ा का जिक्र करते हुए हाल में भावुक होकर रो पड़ीं थीं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों ने उन्हें और उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। श्रीमथी ने बताया कि उनके पति का निधन 10 महीने पहले हुआ है और ऐसे वक्त में भी उन पर किसी अन्य विधायक के नाम पर पारिवारिक पेंशन लेने का झूठा आरोप लगाया गया।
भाषा शोभना सिम्मी
सिम्मी