विल्लुपुरम (तमिलनाडु), 26 जुलाई (भाषा) पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक एस. रामदास ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की और पार्टी की कमान अपने बेटे अंबुमणि को सौंप दी।
रामदास ने शनिवार को यहां तिंडिवनम के पास अपने 88वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित समारोह में कहा कि वह अब राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे।
पेशे से चिकित्सक रामदास ने कहा कि वह ‘‘राजनीतिक संन्यास’’ ले रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शुभचिंतकों से मिलते रहेंगे और उनका हालचाल पूछेंगे लेकिन राजनीति पर बात नहीं करेंगे तथा पार्टी के फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
पार्टी की कमान अपने चिकित्सक बेटे अंबुमणि को सौंपने की उनकी घोषणा के साथ ही पिता-पुत्र के बीच नेतृत्व को लेकर करीब 18 महीने से जारी कटु विवाद समाप्त हो गया।
अंबुमणि ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से चुनावी गठबंधन किया था। उनके गुट ने चार सीट जीती थीं जिनमें धर्मपुरी सीट भी शामिल है जहां से उनकी पत्नी सौम्या ने जीत हासिल की।
डॉ. रामदास ने अपने करियर की शुरुआत ग्रामीण चिकित्सक के रूप में की थी और लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई थीं। उन्होंने 1980 में वन्नियार संगम की स्थापना की। वह वन्नियार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कई आंदोलन करने के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने 1989 में पीएमके की स्थापना की और जाति आधारित सामाजिक आंदोलन को एक क्षेत्रीय राजनीतिक ताकत में बदल दिया जिसने करीब 40 वर्ष तक राज्य की राजनीति को प्रभावित किया।
रामदास पूर्ण शराबबंदी, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के अधिकारों की वकालत करते रहे हैं।
उन्होंने तिंडिवनम के पास कोनेरीकुप्पम स्थित सरस्वती कॉलेज में अपने 88वें जन्मदिन के समारोह में यह घोषणा की। उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में 88 पौधे लगाने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
रामदास ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं आज 88 वर्ष का हो गया हूं। आज से मैं राजनीति से संन्यास ले रहा हूं। मैं न तो राजनीति पर बात करूंगा और न ही राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करूंगा। अंबुमणि राजनीति का कामकाज संभालेंगे। उनकी पत्नी भी उनका सहयोग करेंगी। मुझसे मिलने आने वाले लोग मेरे साथ राजनीति पर चर्चा न करें।’’
अपने स्वास्थ्य के बारे में वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें ‘वर्टिगो’ (चक्कर आने) की समस्या है।
उन्होंने कहा, ‘‘आपके और मेरे बीच का रिश्ता कभी नहीं बदलेगा… आप मुझसे मिलने आएं लेकिन राजनीति पर बात न करें क्योंकि अब मेरे लिए इसकी आवश्यकता नहीं है।’’
अंबुमणि ने कहा कि रामदास ने भले ही राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है लेकिन पार्टी एवं वन्नियार संगम उनके मार्गदर्शन और सलाह में काम करते रहेंगे।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना